पारधी कांड में पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे समेत 14 आरोपी दोषमुक्त
भोपाल। राजधानी की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने आज बैतूल जिले के बहुचर्चित पारधी कांड में फैसला सुनाते हुए पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे और जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार सहित सभी 14 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने 18 वर्षों से चले आ रहे इस लंबे कानूनी संघर्ष पर विराम लगा दिया।
यह घटना सितंबर 2007 की है, जब बैतूल जिले के मुलताई स्थित ग्राम चौथिया में पारधी समुदाय के डेरे में भारी हिंसा हुई थी। इस दौरान डेरे में आगजनी और महिलाओं से दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप लगे थे। समुदाय के बोंद्रु पारधी और उनकी पत्नी के शव कुएं से बरामद हुए थे, जिससे पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने इस मामले में हत्या और दंगे सहित कई गंभीर धाराओं में सुखदेव पांसे और राजा पवार समेत 16 लोगों को आरोपी बनाया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। लगभग 18 वर्षों तक चली इस सुनवाई के दौरान आरोपियों को निरंतर अदालत में पेश होना पड़ा। शुक्रवार को सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने माना कि आरोपियों के खिलाफ दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद नहीं हैं।
