ग्वालियर खंडपीठ ने अपने ही फैसले पर लगाई अंतरिम रोक
अब सुप्रीम कोर्ट में तय होगा विजयपुर का भविष्य
भोपाल। मध्यप्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट का सियासी संग्राम अब एक दिलचस्प कानूनी मोड़ पर आकर खड़ा हो गया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने अपने पिछले आदेश पर 15 दिनों के लिए रोक लगा दी है। इस ताजा आदेश के बाद कांग्रेस नेता मुकेश मल्होत्रा की विधायकी फिलहाल सुरक्षित है और वे क्षेत्र के विधायक बने रहेंगे।
इस पूरे घटनाक्रम में नया मोड़ तब आया जब कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पिछले फैसले को चुनौती दी। उन्होंने न्यायहित में फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी। जस्टिस एस.जी. अहलूवालिया की पीठ ने याचिका पर गौर करते हुए निर्णय के क्रियान्वयन पर 15 दिन का स्टे दे दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह समय इसलिए दिया गया है ताकि प्रभावित पक्ष (मुकेश मल्होत्रा) सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकें।
गौरतलब है कि विजयपुर का यह मामला पिछले कुछ समय से प्रदेश की राजनीति के केंद्र में है। उपचुनाव में कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा ने भाजपा के दिग्गज नेता रामनिवास रावत को हराया था। हार के बाद रामनिवास रावत ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई कि मल्होत्रा ने अपने नामांकन पत्र में आपराधिक जानकारी छिपाई है। हाईकोर्ट ने शुरुआती सुनवाई के बाद मुकेश मल्होत्रा की जीत को शून्य घोषित करते हुए रामनिवास रावत को निर्वाचित घोषित कर दिया था।
क्या होगा सुप्रीम कोर्ट का रुख
हाईकोर्ट के इस ताज़ा स्टे ने कांग्रेस को एक बड़ी संजीवनी दी है। अब अगले 15 दिनों के भीतर कांग्रेस की लीगल टीम सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल करेगी। यदि सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के पिछले आदेश पर लंबी रोक लगा देता है, तो मुकेश मल्होत्रा अपनी पारी जारी रखेंगे। अन्यथा, विजयपुर में सत्ता की चाबी एक बार फिर रामनिवास रावत के पास जा सकती है।
