मतदाता सूची में गड़बड़ी, दिग्विजय सिंह पहुंचे चुनाव आयोग
एक ही घर में मिले दर्जनों 37 मतदाता
भोपाल। मध्यप्रदेश में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी गड़बड़ियों का मुद्दा गरमाया हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह सोमवार को कई प्रभावित मतदाताओं के साथ मुख्य चुनाव पदाधिकारी के पास पहुँचे और मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर के आरोप लगाए।
शिकायत के दौरान भोपाल की नरेला विधानसभा के कई चौकाने वाले मामले सामने आए। करोंद की रतन कॉलोनी निवासी मोहन लाल साहू ने बताया कि उनके घर में पहले 65 फर्जी नाम जुड़े थे। शिकायत के बाद कुछ नाम तो हटे, लेकिन आज भी 37 अज्ञात लोगों के नाम’’ उनके पते पर दर्ज हैं। इसी तरह अनिल सिंह यादव ने शिकायत की कि उनके 4 सदस्यीय परिवार के घर में 45 नाम जुड़े हुए हैं। पूर्व इंजीनियर कमलेन्द्र कुमार गुप्ता ने भी गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके घर में 8 सदस्यों के अलावा 42 अनजान लोगों के नाम दर्ज हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना गृहस्वामी की सहमति के आरओ या एआरओ किसी का नाम कैसे जोड़ सकते हैं?
पूर्व नेवी चीफ को नोटिस
दिग्विजय सिंह ने भारतीय नौसेना के पूर्व चीफ एडमिरल अरुण प्रकाश के एक ट्वीट का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तंज कसा। उन्होंने कहा 78 साल की उम्र में पूर्व नेवी चीफ और उनकी पत्नी को नाम शुद्धिकरण के लिए नोटिस दिया गया और उन्हें 18 किलोमीटर दूर बुलाया गया। यह एसआईआर की हकीकत है। सिंह ने दावा किया कि उनके पास इन गड़बड़ियों की विधिवत वीडियो रिकॉर्डिंग है, जिसे जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग के अधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
