कृषि और उससे जुड़े विभागों में रिक्त है हजारों पद
जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिख खोली प्रदेश के कृषि तंत्र की पोल
भोपाल।प्रदेश में कृषि व्यवस्था की बदहाली और विभागों में खाली पड़े हजारों पदों को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर राज्य की मोहन सरकार पर तीखा हमला बोला है। पटवारी ने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार साल 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी तंत्र खुद ही वेंटिलेटर पर है।
पटवारी ने पत्र में आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य का कृषि विभाग और उससे जुड़े सहयोगी संस्थान ऐतिहासिक रिक्तता के दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब योजनाओं को लागू करने वाला अमला ही मैदान में नहीं है, तो किसानों का कल्याण कैसे संभव है? उन्होंने पत्र में बताया है कि कृषि विभाग में 14,537 पद स्वीकृत हैं, जबकि करीब साठ फीसदी 8,468 पद खाली है। इसी तरह उद्यानिकी विभाग में 3,079 पद स्वीकृत है, वहीं 1,459 रिक्त हैं। मत्स्य पालन विभाग में 1,290 पद स्वीकृत और 722 पद रिक्त एवं पशुपालन एवं डेयरी विभाग में 7,992 पद स्वीकृत है, जबकि विभाग में 1,797 पद रिक्त हैं।
खाद्य सुरक्षा और जमीनी अमले पर संकट
पटवारी ने रेखांकित किया कि खाद्य संचालनालय और खाद्य आयोग में भी स्थिति चिंताजनक है। जिलों के कार्यालयों में स्वीकृत 598 पदों के मुकाबले मात्र 245 कर्मचारी कार्यरत हैं। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की कमी के कारण तकनीकी सलाह और सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक नहीं पहुँच पा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। पटवारी ने कहा कि प्रदेश की कृषि व्यवस्था सरकारी उदासीनता के बोझ तले दम तोड़ रही है। 60 प्रतिशत पद खाली रखकर सरकार किसानों के साथ कड़वा मजाक कर रही है।
प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि केंद्र सरकार की निगरानी में इन रिक्तियों की समीक्षा की जाए। उन्होंने पत्र में मांग की है कि रिक्त पदों को भरने के लिए राज्य सरकार को तत्काल निर्देश जारी किए जाएं, कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मैदानी स्तर पर संस्थागत क्षमता बढ़ाई जाए, किसानों को मौसम की मार और बढ़ती लागत से बचाने के लिए एक राष्ट्रीय रणनीति तैयार की जाए।
