हर नागरिक को 15 लाख तक का स्वास्थ्य कवरेज देने का प्रस्ताव
‘सार्वभौम निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा’ को लेकर एक निजी सदस्य विधेयक किया पेश
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस विधायक डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह ने सदन में ‘सार्वभौम निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा’ को लेकर एक निजी सदस्य विधेयक प्रस्तुत किया है। डॉ. सिंह ने स्वास्थ्य को हर नागरिक का मौलिक अधिकार बताते हुए इसे सभी के लिए अनिवार्य करने की वकालत की है।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए डॉ. सिंह ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान आयुष्मान भारत योजना का दायरा अत्यंत सीमित है। पात्रता की जटिल शर्तों जैसे गरीबी रेखा, राशन कार्ड या पंजीयन के कारण राज्य के लगभग 48 फीसदी परिवार स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जब केंद्र सरकार 70 वर्ष से अधिक के सभी नागरिकों को बिना किसी आय बंधन के स्वास्थ्य सुरक्षा दे सकती है, तो अन्य नागरिकों को यह अधिकार क्यों नहीं? डॉ. सिंह द्वारा प्रस्तावित विधेयक में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किया है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ अमीर, गरीब, किसान, व्यापारी और श्रमिक सभी को मिले। अपात्र केवल वे होंगे जिनके पास पहले से बेहतर निजी हेल्थ इंश्योरेंस मौजूद है प्रति परिवार हर साल 15 लाख तक का निःशुल्क उपचार सुनिश्चित किया जाए। कैंसर, किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट जैसी जटिल सर्जरी के लिए कवरेज राशि को बढ़ाकर 25 लाख करने का प्रस्ताव।
अधिकारियों जैसी सुविधा आम जनता को क्यों नहीं?
विधायक डॉ. सिंह ने सरकारी अधिकारियों को मिलने वाली सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जब आईएएस-आईपीएस अधिकारियों और उनके आश्रितों को सेवाकाल के दौरान और रिटायरमेंट के बाद भी शत-प्रतिशत निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल सकती है, तो आम जनता के साथ भेदभाव क्यों?
कर्ज लेकर भी लागू करे सरकार
योजना के वित्तीय भार के प्रश्न पर डॉ. सिंह ने स्पष्ट किया कि इस पर सालाना 8 से 9 हजार करोड़ का अनुमानित व्यय आएगा। उन्होंने कहा कि सरकार लाड़ली बहना जैसी योजनाओं पर 23 हजार करोड़ खर्च कर रही है, जिसका हम विरोध नहीं करते, लेकिन जनता की जान बचाने के लिए यदि सरकार को कर्ज भी लेना पड़े, तो उसे पीछे नहीं हटना चाहिए। यह जनता का विधेयक है, सरकार इसका श्रेय ले, लेकिन इसे लागू जरूर करे।
