नगरीय निकायों में अब स्कैन से होगा टैक्स भुगतान
राजस्व वसूली के लिए आधिकारिक क्यूआर कोड जारी
भोपाल। प्रदेश के नगरीय निकायों में अब संपत्ति कर और अन्य शुल्कों का भुगतान करना न केवल आसान होगा, बल्कि पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी भी बनेगी। राज्य सरकार ने राजस्व वसूली को गति देने के लिए पहली बार आधिकारिक क्यूआर कोड जारी किया है। इसके माध्यम से नागरिक अब घर बैठे अपने बकाया करों का भुगतान कर सकेंगे।
नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने डिजिटल इंडिया अभियान को बढ़ावा देते हुए यह नई व्यवस्था लागू की है। आयुक्त संकेत भोंडवे के निर्देश पर जारी इस क्यूआर कोड से करदाता सीधे स्कैन कर भुगतान कर पाएंगे। इस नई पहल के मुख्य उद्देश्य नकद लेन-देन में कमी और वित्तीय रिकॉर्ड का तत्काल अपडेशन, नागरिकों को लंबी लाइनों से मुक्ति और घर बैठे भुगतान का विकल्प और निकायों की आय बढ़ाना और लंबित बकाया राशि को कम करना है।
पोर्टल पर होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग
संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि राजस्व वसूली में अब किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत पूरी प्रक्रिया की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी। निकायों को वसूली की प्रगति रिपोर्ट पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट करनी होगी, जिससे प्रशासन को हर निकाय की वित्तीय स्थिति की रियल टाइम जानकारी मिल सकेगी।
वसूली के लिए विशेष शिविर
अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए प्रदेशभर के नगरीय निकायों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन षिविरों की आज से षुरूआत भी की गई। शिविरों में नागरिकों को ऑन-द-स्पॉट टैक्स जमा करने की सुविधा मिलेगी, डिजिटल भुगतान के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी और पुराने लंबित मामलों का त्वरित निराकरण किया जाएगा।
