प्रदेश के नौ आईएएस सीखेंगे सुशासन के गुर
अप्रैल में शुरू होगा मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम
भोपाल। मध्य प्रदेश कैडर के नौ वरिष्ठ आईएएस (आईएएस) अधिकारी अपने प्रशासनिक कौशल को और अधिक धार देने के लिए आगामी अप्रैल माह में मसूरी जाएंगे। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा आयोजित मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम के पांचवें चरण के 17वें दौर के लिए इन अधिकारियों का चयन किया गया है। यह अनिवार्य प्रशिक्षण 6 अप्रैल से 24 अप्रैल तक लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में चलेगा।
इस प्रशिक्षण सत्र में शामिल होने वाले अधिकारियों के लिए सेवा की शर्तों के अनुसार अलग-अलग पात्रता मानक तय किए गए हैं। 1997 बैच के मनीष सिंह और सुखवीर सिंह के लिए यह प्रशिक्षण पूरा करने का तीसरा और अंतिम मौका है। यदि वे इस बार शामिल नहीं होते हैं, तो भविष्य में उन्हें यह अवसर नहीं मिलेगा। 1998 बैच के अधिकारी आकाश त्रिपाठी, मुकेश चंद्र गुप्ता और निकुंज कुमार श्रीवास्तव के लिए यह दूसरा अवसर होगा। वहीं 1999 बैच के पवन कुमार शर्मा और ई. रमेश कुमार के लिए यह पहला अवसर है। 1996 बैच के अमित राठौर और फैज अहमद किदवई की भागीदारी पर अंतिम निर्णय उनकी योग्यता के आधार पर डीओपीटी द्वारा लिया जाएगा।
पात्रता के कड़े नियम
डीओपीटी ने स्पष्ट किया है कि यह प्रशिक्षण उन्हीं अधिकारियों के लिए है जिनकी सेवा अवधि अभी पर्याप्त बची है। वे अधिकारी जो 31 दिसंबर 2029 के बाद सेवानिवृत्त होने वाले हैं। जिनकी सेवा अवधि 3 वर्ष से कम शेष है या जो 31 दिसंबर 2029 से पहले सेवानिवृत्त हो रहे हैं, उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल नहीं किया जाएगा।
