दिव्यांगजन के खेलों के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा प्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव-2026 का किया शुभारंभ
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश दिव्यांगजन के खेलों के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। प्रदेश के कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना कर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। समाज सुधारक और चिंतक स्व. कुशाभाऊ ठाकरे की जन्म शताब्दी वर्ष पर 100 घंटे लगातार क्रिकेट खेलने का यह प्रयास केवल रिकॉर्ड बनाने की कोशिश नहीं, बल्कि यह संदेश है कि जब संकल्प समाज के उत्थान के लिए होता है तो सीमाएं स्वयं समाप्त हो जाती हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस लाइन स्टेडियम में दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर खेल महोत्सव का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यांग खिलाड़ियों को स्मृति चिन्ह भी भेंट किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रिकेट पिच पर पहुंचकर खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया तथा एक बॉल खेलकर मैच का शुभारंभ किया। पहला मैच मध्यप्रदेश और राजस्थान की ऑर्थो केटेगरी टीम के बीच रहा। इसके पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव को खेल महोत्सव का बैच लगाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टूर्नामेंट की कैप भी धारण की।
आत्मविश्वास और साहस की जीवंत मिसाल हैं बेटियां
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय दिव्यांग खेल महोत्सव के अंतर्गत दिव्यांगजन का लगातार 100 घंटे क्रिकेट खेलना अद्भुत, आनंददायी और हम सबके लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने इस आयोजन के लिए कुशाभाऊ ठाकरे न्यास और इंटर नेशनल पब्लिक पॉलिसी रिसर्च सेंटर को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह सौभाग्य का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी की “मन की बात“ के श्रवण के साथ यह खेल महोत्सव आयोजित हो रहा है। यह सभी क्षेत्रों में सर्वागींण रूप से समान भाव के साथ आगे बढ़ने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता का परिचायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यांग बेटी संगीता विश्नोई की इच्छाशक्ति की सराहना करते हुए कहा कि बेटियां केवल खिलाड़ी नहीं, आत्मविश्वास और साहस की जीवंत मिसाल हैं।
25 टीमें 350 खिलाड़ी ले रहे भाग
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने बताया कि विश्व में पहली बार एक ऐसा आयोजन हो रहा है जहां खेल की गूंज लगातार 100 घंटे तक रहेगी। दिन हो या रात दिव्यांग खिलाड़ी अपने प्रयासों से एक नया इतिहास रचेंगे। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन खेल महोत्सव में 25 टीमों के 350 खिलाड़ी भाग ले रही है। यह महोत्सव 26 फरवरी तक जारी रहेगा।
