आईएएस संतोष वर्मा को अदालत ने पुलिस के सामने पेश होने का दिया आदेश
भोपाल। अपने विवादित बयानों और कार्यशैली को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा की कानूनी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इंदौर जिला न्यायालय ने एक सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें तत्काल पुलिस के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। मामला धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमानत हासिल करने से जुड़ा है।
आईएएस संतोष वर्मा को पूर्व में धोखाधड़ी के एक मामले में सजा सुनाई गई थी। आरोप है कि उन्होंने इस मामले में कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार कर चालाकी से जमानत हासिल कर ली थी। जब यह मामला पुलिस के संज्ञान में आया, तो इंदौर के एमजी रोड थान’ में उनके खिलाफ धोखाधड़ी का नया प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस का पक्ष है कि प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही आईएएस अधिकारी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। पुलिस ने अदालत को बताया कि जांच को आगे बढ़ाने के लिए संतोष वर्मा के हस्ताक्षर के नमूनों की आवश्यकता है। संबंधित मूल दस्तावेज फिलहाल हाई कोर्ट की जांच प्रक्रिया में हैं, इसलिए मिलान के लिए नए नमूने लेना अनिवार्य है। अधिकारी के असहयोग के चलते पुलिस ने उनकी जमानत निरस्त करने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी।
अगली सुनवाई चार मार्च को
सुनवाई के दौरान संतोष वर्मा के अधिवक्ता ने बचाव में कई तर्क पेश किए, लेकिन कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आईएएस अधिकारी को पुलिस के सामने पेश होने का फरमान सुना दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जांच प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए अधिकारी को पुलिस के समक्ष उपस्थित होना होगा। अब इस संवेदनशील मामले की अगली सुनवाई 4 मार्च को तय की गई है।
