शराब दुकान विवाद, चार सप्ताह में कार्रवाई कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश
भोपाल। राजधानी के पॉश इलाके अरेरा कॉलोनी में रिहायशी जमीन पर संचालित शराब दुकान को लेकर राश्टीय मानव अधिकार आयेग ने कड़ा रुख अपनाया है। कमीशन ने भोपाल कलेक्टर को निर्देशित किया है कि यदि चार सप्ताह के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो उनके विरुद्ध ’प्रोटेक्शन ऑफ ह्यूमन राइट्स एक्ट, 1993’ की धारा 13 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
यह पूरा विवाद सोम ग्रुप द्वारा संचालित एक शराब आउटलेट से जुड़ा है। नियमों के मुताबिक, शराब दुकान आर्य समाज मंदिर से 50 मीटर से कम दूरी पर और अनुश्री चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के पास एक रिहायशी प्लॉट पर चल रही है। इससे पहले प्रशासन द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट को कमीशन ने गुमराह करने वाला’ माना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राश्टीय मानव अधिकार आयोग ने जांच फिर से शुरू की और 20 मार्च तक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। हाल ही में कमीशन के सदस्य प्रियांक कानूनगो’’ ने शराब दुकान का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान सरकारी रिकॉर्ड में बड़ी गड़बड़ियां और अवैध अतिक्रमण के सबूत मिले। कमीशन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि सिर्फ प्रॉपर्टी टैक्स भरने से कोई दुकान ’लीगल’ नहीं हो जाती। कलेक्टर को लैंड यूज परमिशन, लीज की शर्तों, मास्टर प्लान के नियमों और बिल्डिंग अप्रूवल की अलग से जांच करनी होगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दुकान को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए या अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए।
