हिमालय जैसी कठिन चुनौती ’नक्सलवाद’ का किया अंत
मुख्यमंत्री ने अमर जवान ज्योति पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीद जवानों को अर्पित की श्रद्धांजलि
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बालाघाट के नाम में ही बल है। इस जिले ने अपने आत्मबल से ही हिमालय जैसी कठिन चुनौती ’नक्सलवाद’ का अंत करके दिखाया है। मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रभावशाली अभियान चलाकर नक्सलियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया और प्रदेश से लाल सलाम को आखरी सलाम किया। नक्सल उन्मूलन में हॉक फोर्स के वीर जवानों की भूमिका अभिनंदनीय है। बालाघाट में नक्सलियों द्वारा कभी खून की होली खेली गई, परंतु जवानों को वीरता, पुलिस की दृढ़ इच्छाशक्ति और जनता के विश्वास ने क्षेत्र को नक्सल आतंक की जंजीरों से मुक्त किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट में आयोजित कार्यक्रम में नक्सल मुठभेड़ में अदम्य साहस और वीरता का परिचय देने वाले 60 जांबाज जवानों को क्रम से पूर्व पदोन्नति प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बालाघाट पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचने पर सलामी दी गई। मुख्यमंत्री ने ’अमर जवान ज्योति’ पर पुष्प चक्र अर्पित कर प्रदेश की शांति और सुरक्षा के लिए शहीद होने वाले जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह खेद का विषय है कि बालाघाट में पूर्व में तत्कालीन सरकार के मंत्री लिखीराम कावरे की सरेआम हत्या कर दी गई थी। हमारे लिए यह बड़ी चुनौती थी, क्योंकि मध्यप्रदेश की 836 किलोमीटर लंबी सीमा छत्तीसगढ़ से लगती है। मध्यप्रदेश ने 38 पुलिस जवान और 27 आम नागरिक को खोया है। सघन जंगल के चुनौतीपूर्ण वातावरण में भी हॉक फोर्स ने मेगाकासो रणनीति बनाकर नक्सलियों को खदेड़ा और 4 दुर्दांत नक्सलियों को मार गिराया। पिछले वर्ष की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक 4104 नक्सल विरोधी अभियान, मानसून और जंगली जानवरों की चुनौतियों के बावजूद भी जारी रहे। हमारी फोर्स ने वर्ष 2025 में अब तक के 10 सर्वाधिक हार्ड कोर नक्सलियों को ढेर किया है। नक्सलियों से कहा गया था कि सरेंडर करो या मारे जाओगे, पुलिस ने राज्य सरकार की इस चेतावनी को वीर जवानों ने सार्थक कर दिखाया।
बालाघाट में आयोजित की जाएगी कृषि कैबिनेट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भविष्य में नक्सलियों को अपने पैर जमाने का कोई मौका फिर से न मिले, इसके लिए राज्य सरकार हर तरह से समुचित प्रबंध कर रही है। बालाघाट जिले में नक्सल प्रभावित 250 स्कूलों का नवीनीकरण किया गया है। स्थानीय नागरिकों के लिए एकल सुविधा केंद्र, जनजातीय समुदायों को वन अधिकार पट्टे, जाति प्रमाण पत्र और रोजगार के लिए शिविरों की शुरुआत की गई है। यह वर्ष कृषि कल्याण के लिए है। अब महाकौशल के बालाघाट में कृषि कैबिनेट आयोजित की जाएगी।
गांवों को जोड़ा जा रहा पक्की सड़कों से
बालाघाट के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि बालाघाट जिले के गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ा जा रहा है। जिले में विकास के अनेकों कार्य हुए हैं, इसके लिये लगभग 3 दशकों तक संघर्षशील रहने वाले पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को नमन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए निरंतर सक्रिय हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नक्सलियों के विरुद्ध हुई कार्रवाई के बेहतर परिणाम सामने आए।
