संगठन मांगेगा मंत्रियों से कार्यकर्ता के काम का हिसाब
कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने की तैयारी भाजपा
भोपाल। मध्य प्रदेश भाजपा संगठन ने पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने वाले मंत्रियों के लिए नियम कड़े कर दिए हैं। अब मंत्रियों को कार्यकर्ताओं से हुई बातचीत और उनके कामों का पूरा हिसाब संगठन को देना होगा। दरअसल, वरिष्ठ नेताओं को कार्यकर्ताओं से सही फीडबैक नहीं मिल रहा था, जिसे देखते हुए संगठन ने पूरी व्यवस्था में बदलाव कर दिया है।
संगठन ने मंत्रियों के लिए एक विशेष प्रोफार्मा (प्रारूप) तैयार किया है। अब मंत्रियों को पार्टी ऑफिस आने-जाने के समय के साथ-साथ मुलाकातों का विस्तृत ब्यौरा देना होगा। इसमें मिलने वाले कार्यकर्ता का नाम और विवरण, काम का स्वरूप और संबंधित विभाग का नाम, काम को लेकर मंत्री के अपने सुझाव और मंत्री द्वारा विभाग को लिखे गए पत्रों की कॉपी की जानकारी देनी होगी। इस जानकारी के आधार पर केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व सीधे मॉनिटरिंग कर सकेगा कि कार्यकर्ताओं के कितने काम जमीन पर हो रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि अब तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी जिससे यह पता चल सके कि कार्यकर्ता ने मंत्री को क्या काम सौंपा और उस पर क्या प्रगति हुई। अक्सर मंत्री ऑफिस तो आते थे, लेकिन कार्यकर्ताओं को उसका सकारात्मक परिणाम नहीं दिख रहा था। अब मंत्रियों को कार्यकर्ताओं से प्राप्त आवेदनों को अपने साथ ले जाना होगा और उन पर की गई कार्रवाई की एक प्रति फॉलो-अप के लिए पार्टी कार्यालय में जमा करनी होगी।
प्रदेश अध्यक्ष करेंगे मॉनिटरिंग
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल स्वयं इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों के बाद मंत्रियों की कार्यकर्ताओं से मुलाकात का दूसरा चरण इसी महीने से शुरू हो गया है। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सत्ता और संगठन के बीच समन्वय बना रहे और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा न हो।
