मांगों को लेकर आउटसोर्स कर्मचारियों को आंदोलन 1 फरवरी को
भोपाल।प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों ने फैसला लिया कि लंबित मांगों को लेकर राजधानी भोपाल में 1 फरवरी को आंदोलन करेंगे। आंदोलन करने जुटने वाले आउटसोर्स कर्मचारी इसी दिन मुख्यमंत्री निवास का घेराव भी करेंगे।
मध्य प्रदेश के आउटसोर्स एवं अस्थाई कर्मचारियों के नेतृत्वकारी पदाधिकारियो की बैठक शहाजहानी पार्क में हुई। बैठक की अध्यक्षता युवा आउटसोर्स के अध्यक्ष दीपक सिंह ने की। बैठक में विभिन्न विभागों से आए 50 से अधिक प्रतिनिधियों ने आउटसोर्स कर्मचारियों अस्थिर सेवा-स्थिति, असमान वेतनमान, ठेका कंपनियों की मनमानी, विभागीय उपेक्षा और सुरक्षा-मानकों के अभाव जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा कर नौकरी में सुरक्षा एवं सम्मानजनक वेतन के सवाल पर निर्णायक संघर्ष का ऐलान किया। वर्ष 2026 में करो या मरो का संघर्ष करना जरूरी है वरना सरकार 2027 में सरकार सबको घर बिठाने का निर्णय ले चुकी है, इसलिए अब आउटसोर्स कर्मचारियों के पास संघर्ष के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं बचा है। बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में निर्णय लिया गया कि 1 फरवरी को पूरे मध्य प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारी भोपाल में एकजुट होकर हल्लाबोल आंदोलन करके मुख्यमंत्री निवास का घेराव करके आउटसोर्स कर्मचारी विरोधी निर्णय वापस लेने की मांग सरकार से करेंगे।
