प्रदेश में पिछले पांच सालों में लगातार बढ़े बाल विवाह
इस साल अब तक 538 मामले आए सामने
भोपाल। प्रदेश में बाल विवाह के मामलों में पिछले पांच वर्षों के दौरान लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कांग्रेस विधायक जयवर्द्धन सिंह द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित जवाब में यह जानकारी विधानसभा में प्रस्तुत की।
जयवर्द्धन सिंह ने मार्च 2020 से अब तक राज्य में ऐसे कितने बाल विवाह सामने आए, जिनमें वधुओं की आयु 18 वर्ष से कम पाई गई, इसकी वर्षवार और जिलेवार जानकारी मांगी थी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी पूछा था कि इन नाबालिग वधुओं ने कितने शिशुओं को जन्म दिया, कितने शिशुओं की मृत्यु हुई तथा इस अवधि में बाल विवाह रोकने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए और कितने जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की गई।
मंत्री निर्मला भूरिया ने अपने जवाब में बताया कि राज्य में वर्ष 2020 से 2025 तक बाल विवाह के मामलों में निरंतर वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि 2020 में 366 मामले, 2021 में 436 मामले, 2022 में 519 मामले, 2023 में 528 मामले, 2024 में 529 मामले और 2025 में 538 मामले सामने आए हैं।
दमोह जिले में सबसे ज्यादा बाल विवाह
जिलेवार आंकड़ों में दमोह जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां 2025 में सर्वाधिक 115 बाल विवाह दर्ज किए गए। इसके बाद राजगढ़ में 44, छतरपुर में 35, गुना में 28, देवास में 24, सागर में 24, नरसिंहपुर में 23, मंडला में 20, हरदा में 13, डिंडौरी में 12, बैतूल में 11, विदिशा में 10 और धार में 10 मामले सामने आए। वहीं मैहर, रीवा, आगर मालवा, उमरिया, मऊगंज, खंडवा और बुरहानपुर ऐसे जिले रहे जहां वर्ष 2025 में एक भी बाल विवाह का मामला दर्ज नहीं हुआ। बाकी सभी जिलों में मामले रिपोर्ट किए गए। मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि दमोह जिला पिछले वर्षों से ही सबसे अधिक प्रभावित रहा है। वर्ष 2022 में यहां 64 बाल विवाह हुए थे, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 115 हो गई।
छिंदवाड़ा में 13, जबलपुर में 15 बाल विवाह के मामले
छिंदवाड़ा जिले में 2020 में 6 बाल विवाह के मामले सामने आए थे, जबकि 2025 में ये मामले बढ़़कर 13 हो गए है। इसी तरह जबलपुर जिले में 2020 में 3 और 2025 में 15, बालाघाट जिले में इस साल मात्र एक बाल विवाह का मामला सामने आया है। बालाघाट में 2020 से 2024 तक एक भी मामला सामने नहीं आया। सिवनी जिले में 2020 में 6 और 2025 में 4, पांढुर्णा जिले में 2020 में 2 और 2025 में भी 2 बाल विवाह के मामले सामने आए हैं।
वर्शवार बाल विवाह के आकड़े
प्रदेश में 2021 में 450, 2022 में 519, 2023 में 528, 2024 में 529 बाल विवाह हुए। वहीं 2025 में अब तक 538 मामले बाल विवाह के सामने आ चुके हैं।
