निलंबित कर्मचारियों, अधिकारियों के मामलों को की समीक्षा
भोपाल। सामान्य प्रशासन विभाग ने लंबे समय से निलंबित शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों के मामलों की समीक्षा के बाद महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसी क्रम में लोकायुक्त छापे के बाद निलंबित किए गए नगरीय विकास एवं आवास विभाग के जबलपुर के तत्कालीन उपयंत्री ’’राजललित गुमास्ता’’ को लगभग पांच साल बाद बहाल कर दिया गया है।
लोकायुक्त पुलिस ने वर्ष 2019 में पद के दुरुपयोग की शिकायत पर उपयंत्री गुमास्ता के यहां छापे की कार्रवाई की थी। इसके बाद नगर निगम कटनी आयुक्त ने उनके विरुद्ध अभियोजन की स्वीकृति जारी की, जिसके आधार पर अगस्त 2020 में विशेष न्यायालय जबलपुर में चालान पेश किया गया। चालान दाखिल होने के बाद सितंबर 2020 में गुमास्ता को निलंबित कर दिया गया था। इस बीच सामान्य प्रशासन विभाग ने एक वर्ष से अधिक समय से निलंबित कर्मियों के मामलों की समीक्षा के लिए विभागीय समिति गठित की। समिति की अक्टूबर 2025 में हुई बैठक में गुमास्ता का प्रकरण भी रखा गया। समिति ने पाया कि गुमास्ता का निलंबन पाँच वर्ष से अधिक समय तक चला है और न्यायालयीन कार्यवाही में वे नियमित रूप से उपस्थित रहे हैं। स्वास्थ्य कारणों से 28 अप्रैल 2025 को दी गई उनकी अनुपस्थिति की सूचना को भी समिति ने स्वीकार किया। समिति ने यह स्पष्ट किया कि गुमास्ता की ओर से किसी प्रकार की देरी नहीं हो रही है, जबकि न्यायालयीन प्रक्रिया में अभी और समय लगने की संभावना है। ऐसे में उन्हें निलंबन से मुक्त कर सेवा में बहाल करना उपयुक्त होगा।
