बाबर के नाम पर खड़ी की गई इमारत का परिणाम अयोध्या जैसा होगा
उमा ने बाबर के नाम पर मस्जिद निर्माण को लेकर दी चेतावनी
भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के एक तीखे बयान ने बाबर के नाम पर मस्जिद निर्माण के प्रस्ताव को लेकर देश में राजनीतिक विवाद को और अधिक गरमा दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि मस्जिदें केवल इबादत (पूजा) के लिए बनती हैं, तो उनका सम्मान किया जाएगा, लेकिन बाबर जैसे आक्रमणकारी के नाम पर खड़ी की गई किसी भी इमारत का परिणाम अयोध्या जैसा हो सकता है।
उमा भारती ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि देश में मस्जिदें खुदा, इबादत और इस्लाम के नाम पर बनाई जाएं तो उन्हें आदर मिलेगा। उन्होंने कहा कि बाबर के नाम पर बनी इमारतों का अंजाम वही होगा जो अयोध्या में देखा गया था। उन्होंने 6 दिसंबर 1992 की घटना का जिक्र करते हुए दावा किया कि अयोध्या में विवादित ढांचे के विध्वंस के बाद उसकी एक-एक ईंट तक गायब हो गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री ने इस संदर्भ में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी सलाह दी। उन्होंने मांग की कि जो लोग बाबर के नाम पर मस्जिद बनाने की बात कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उमा भारती ने लिखा कि बंगाल और पूरे देश की अस्मिता और सद्भाव को बनाए रखना ममता बनर्जी की एक बड़ी जिम्मेदारी है।
यह है विवाद का कारण
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबर के नाम पर मस्जिद निर्माण करने को लेकर बयान दिया था। इसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में वैचारिक बहस तेज़ हो गई है। टीएमसी और भाजपा के बीच इस मुद्दे पर पहले से ही तीखी जुबानी जंग जारी है। भाजपा समर्थक नेताओं का मानना है कि उमा भारती का यह बयान ऐतिहासिक तथ्यों को स्वीकार करने और देश की सांस्कृतिक पहचान के सम्मान की मांग को दर्शाता है।
