एसआईआर प्रक्रिया पर उठे सवाल, महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा
सिंघार ने कहा बढ़ाएं समय सीमा, देर रात तक ना लें काम
भोपाल। प्रदेश में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विवाद बढ़ गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस प्रक्रिया की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला बीएलओ और कंप्यूटर ऑपरेटरों से रात 11 बजे से 12 बजे तक काम करवा रही है, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक है।
सिंघार ने कहा कि देर रात तक काम करवाना महिलाओं की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? इसका असर उनके जीवनशैली और परिवार पर पड़ रहा है। परिवार टूटने कि हालात बनते जा रहे हैं। इनका कहना है कि सस्पेंड करने कि धमकी देकर उनसे सुबह 6 बजे से देर रात तक काम करवाया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी दावा किया कि मानसिक तनाव और कार्य दबाव के कारण प्रदेश में अब तक 5 बीएलओ की मौत हो चुकी है और एक बीएलओ लापता है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक दबाव के चलते कर्मचारी एसआईआर प्रक्रिया को ढंग से पूरा भी नहीं कर पा रहे हैं। सिंघार ने बताया कि जल्दबाज़ी में प्रक्रिया पूरी कराने की कोशिश की जा रही है, जिसके कारण कई जिलों से गड़बड़ियों की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि बीएलओ, कंप्यूटर ऑपरेटरों और विशेष रूप से महिला कर्मचारियों पर इस तरह का दबाव न डाला जाए।
रात में कर्मचारियों से मिलेंगे सिंघार
सिंघार ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हालात ऐसे ही रहे, तो वे खुद रात में जाकर कर्मचारियों से मिलना शुरू करेंगे, ताकि उनकी समस्याओं को समझा जा सके। उन्होंने चुनाव आयोग से एसआईआर प्रक्रिया की अंतिम तिथि बढ़ाने पर विचार करने की अपील की है, ताकि कर्मचारी बिना दबाव के काम कर सकें और प्रक्रिया की गुणवत्ता बनी रहे।
