निजी अधिवक्ताओं पर रोक, महाधिवक्ता की अनुमति अनिवार्य
भोपाल। राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभाग प्रमुखों को नया निर्देश जारी किया है, जिसके तहत अब किसी भी परिस्थिति में राज्य शासन के विरुद्ध या उसकी ओर से कोई निजी अधिवक्ता प्रत्यक्ष रूप से न्यायालय में अपील या याचिका प्रस्तुत नहीं करेगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब न्यायालय में दायर होने वाली किसी भी प्रकार की सिविल या आपराधिक याचिका, अपील, पुनर्विलोकन अथवा पुनरीक्षण आवेदन के लिए महाधिवक्ता कार्यालय की पूर्व अनुमति, शासकीय अधिवक्ता की विधिक राय तथा विधि विभाग की सहमति अनिवार्य होगी। निर्देश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि महाधिवक्ता कार्यालय या संबंधित शासकीय अधिवक्ता किसी प्रकरण को न्यायालय में ले जाने योग्य नहीं मानता है, तो विभाग इस राय को नोटशीट में दर्ज कर संबंधित प्रशासकीय विभाग को भेजेगा। हालांकि, यदि प्रशासकीय विभाग प्रकरण को न्यायालय में ले जाने की स्वीकृति प्रदान करता है और प्रभारी अधिकारी नियुक्त करता है, तो महाधिवक्ता कार्यालय याचिका या अपील दायर करने से इंकार नहीं कर सकेगा।
