नक्सली मुठभेड़ में इंस्पेक्टर आशीष शर्मा शहीद, मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
भोपाल। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर नक्सली मुठभेड़ में शहीद इन्स्पेक्टर आशीष शर्मा को मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने श्रद्धांजलि दी है। आशीष शर्मा नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के दौरान घायल हो गए थे। उनको आज सुबह ही गले में गोली लगी थी और डोंगरगढ़ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वे इलाज के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए।
शहीद पुलिस अफसर आशीष शर्मा मध्यप्रदेश पुलिस (बालाघाट) में तैनात थे। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने इन भावुक पलों में सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि आज म.प्र. हॉक फोर्स के निरीक्षक आशीष शर्मा नक्सलियों से मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए। मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की संयुक्त टीम द्वारा छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के जंगलों में नक्सल विरोधी ऑपरेशन के दौरान उन्होंने अभूतपूर्व वीरता और साहस का प्रदर्शन किया। नक्सल उन्मूलन के राष्ट्रीय अभियान में उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उन्हें पूर्व में कर्तव्य के दौरान अदम्य साहस, असाधारण बहादुरी प्रदर्शित करने के लिए दो बार भारत सरकार द्वारा वीरता पदक से सम्मानित किया गया था।
मिला था आउट ऑफ टर्न प्रमोशन
इंस्पेक्टर आशीष शर्मा मूल रूप से मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के बोहानी नगर के रहवासी थे। बोहानी, गाडरवारा के पास स्थित है। आशीष शर्मा का चयन 2016 में सब इंस्पेक्टर पद पर हुआ था। इससे पहले वे इंटेलिजेंस में आरक्षक के पदस्थ थे। नक्सलियों के खिलाफ साहसिक कार्य करने पर उन्हें मप्र सरकार द्वारा आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया गया था। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पिछले दो वर्षों में भारत सरकार से दो वीरता पदक भी प्राप्त किए।
