प्रदेश को जल्द मिलेगी राजकीय तितली, सरकार को भेजा प्रस्ताव
ऑरेंज ऑकलीफ के नाम पर मुहर की तैयारी
भोपाल। मध्य प्रदेश अब राजकीय पशु और राजकीय पक्षी की तर्ज पर अपनी राजकीय तितली घोषित करने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ चुका है। वन मुख्यालय ने राज्य सरकार को ऑरेंज ऑकलीफ को राज्य तितली घोषित करने का प्रस्ताव भेज दिया है। प्रस्ताव के साथ इस तितली की जैविक विशेषताओं और संरक्षण से जुड़े फायदे भी शासन तक पहुंचा दिए गए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही प्रदेश को अपनी आधिकारिक तितली मिल जाएगी।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार ऑरेंज ऑकलीफ को राज्य तितली घोषित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। इससे प्रदेश में तितलियों के संरक्षण और उनके प्रति जनदृजागरूकता में बढ़ोतरी होगी। राजकीय तितली घोषित होने के बाद मध्य प्रदेश देश के उन राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा, जिन्होंने पहले ही अपनी राज्य तितलियां तय कर दी हैं। अब तक उत्तरांचल, त्रिपुरा, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और सिक्किम सहित कुल दस राज्य अपनी-अपनी राजकीय तितली घोषित कर चुके हैं। इनमें महाराष्ट्र की ब्लू मॉर्मन, उत्तरांचल की कॉमन पीकॉक, अरुणाचल प्रदेश की केसर-ए-हिंद, गोवा की मालाबार ट्री निम्फ, जम्मू-कश्मीर की ब्लू पैंसी, कर्नाटक की सहयाद्री बर्डविंग, केरल की मालाबार बैंडेड पीकॉम, सिक्किम की ब्लू ड्यूक, तमिलनाडु की तमिल येओमन और त्रिपुरा की कॉमन बर्डविंग शामिल हैं।
क्या है ऑरेंज ऑकलीफ तितली की खासियत?
ऑरेंज ऑकलीफ तितली अपनी अनोखी बनावट के कारण विशेष पहचान रखती है। जब यह अपने पंख बंद करती है, तो बिल्कुल सूखे पत्ते की तरह दिखती है। दूर से देखने पर इसे पहचान पाना लगभग मुश्किल होता है, जिसके कारण इसे डेड लीफ बटरफ्लाई भी कहा जाता है। प्रदेश में तितलियों की लगभग 175 प्रजातियां पाई जाती हैं, लेकिन इनमें ऑरेंज ऑकलीफ को सबसे अद्भुत माना जाता है। यह मुख्य रूप से अमरकंटक के जंगलों और सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला विशेषकर पचमढ़ी क्षेत्र में दिखती है।
