बाघों के साथ-साथ तेंदुआ, हाथी और बायसन की भी होगी गणना
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में शुरू की तैयारियां
भोपाल। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और इसके आसपास के सामान्य वन क्षेत्रों में 2026 की बाघ गणना की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। इस बार की गणना 2022 के मुकाबले ज्यादा व्यापक और तकनीकी रूप से उन्नत होगी। खास बात यह है कि बाघों के साथ तेंदुआ, जंगली हाथी और बायसन की संख्या भी इस गणना में दर्ज की जाएगी।
गणना के लिए कुल 3200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को शामिल किया गया है, जिसमें बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के 1300 वर्ग किमी और उमरिया, शहडोल तथा कटनी जिलों के 1900 वर्ग किमी सामान्य वन क्षेत्र शामिल हैं। पार्क प्रबंधन द्वारा यह गणना नवंबर से जनवरी के बीच चार चरणों में की जाएगी। इसके लिए 2-2 किलोमीटर के अंतराल पर 1600 पॉइंट्स चिन्हित किए जा रहे हैं, जहां हाई-टेक कैमरा ट्रैप लगाए जाएंगे। ये कैमरे न सिर्फ बाघों की, बल्कि तेंदुआ, हाथी और बायसन जैसे अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों को भी रिकॉर्ड करेंगे। 2022 की बाघ गणना में बांधवगढ़ में 165 बाघ दर्ज किए गए थे, जबकि अब यह संख्या 180 से अधिक मानी जा रही है। ताला, खितौली और पतौर रेंज में सबसे ज्यादा बाघों की मूवमेंट रिकॉर्ड की जा रही है। वहीं, सामान्य वन क्षेत्रों में भी बाघों की सक्रियता में वृद्धि देखी गई है, जिससे वन विभाग ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है।
पेपरलेस होगी इस बार की गणना
इस बार की गणना पूरी तरह पेपरलेस होगी। वन विभाग द्वारा विकसित किए गए नए वर्जन के मोबाइल ऐप के माध्यम से सभी आंकड़े ऑनलाइन दर्ज किए जाएंगे। गौरतलब है कि पिछली गणना में तकनीकी कमियों की वजह से कई आंकड़ों में विसंगतियां सामने आई थीं। इस बार ऐप को इन खामियों को दूर करते हुए अधिक सटीक और यूज़र-फ्रेंडली बनाया गया है।
