एईडीपी कोर्स पढ़ाने 320 प्रोफेसरों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
विद्यार्थियों को तीसरे साल मिलेगा स्टाइपेंड
भोपाल। प्रदेश के 112 शासकीय कॉलेजों में अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम कोर्स को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। कोर्स पढ़ाने के लिए कुल 320 प्रोफेसरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण राजधानी के एमएलबी कॉलेज, नूतन कॉलेज और इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट को केंद्र बनाकर क्रिस्प संस्था द्वारा कराया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 18 बैचों का गठन’’ किया गया है, जिसमें प्रथम वर्ष का अध्ययन कराने के लिए 237 प्रोफेसरों’’, जबकि द्वितीय वर्ष के लिए 83 प्रोफेसरों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस कोर्स में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को ’’तीसरे वर्ष में 8 से 10 हजार रुपए मासिक स्टाइपेंड’’ प्रदान किया जाएगा। साथ ही, उन्हें संबंधित विषय के उद्योगों और कारखानों में अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा। कोर्स की डिग्री अप्रेंटिसशिप पूरी करने के बाद ही प्रदान की जाएगी।
300 विद्यार्थियों ने बदला विषय
हालांकि, यह कोर्स आरंभ करने की प्रक्रिया पर अब सवाल उठने लगे हैं। तत्कालीन आयुक्त निशांत वरवड़े द्वारा इसे बिना उचित योजना के शुरू कराए जाने का आरोप है। दो वर्षों में न तो कोर्स के लिए फैकल्टी उपलब्ध कराई जा सकी और न ही सिलेबस को अंतिम रूप दिया गया, जिससे असंतोष की स्थिति बनी। परिणामस्वरूप, करीब 300 विद्यार्थियों ने वर्तमान सत्र में अपना प्रवेश निरस्त कराकर अन्य विषयों का चयन कर लिया है। गत वर्ष 37 कॉलेजों में यह कोर्स आरंभ किया गया था, जिसमें करीब 1000 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था। वहीं, वर्तमान वर्ष में 112 कॉलेजों में कुल 4700 छात्रों ने प्रवेश लिया है।
