मनो रोगियों का सरकार कराएगी हैप्पीनेस स्केल से मूल्यांकन
आईआईटी खड़गपुर की मदद से होगा अध्ययन, खुशहाली के लिए होंगे नवाचार’’
भोपाल। आनंद मंत्रालय वाले राज्य मध्यप्रदेश में मानसिक रोगियों की संख्या 2 करोड़ के पार पहुंच गई है। इस चिंताजनक स्थिति से निपटने के लिए अब सरकार हैप्पीनेस स्केल के जरिए प्रदेशवासियों की मानसिक स्थिति का मूल्यांकन कराने जा रही है। इस महत्त्वाकांक्षी योजना में आईआईटी खड़गपुर का सहयोग लिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेश में खुशहाली के स्तर का वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा। आईआईटी खड़गपुर के विशेषज्ञों के साथ मिलकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का अलग-अलग मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे यह जाना जा सके कि किन क्षेत्रों में लोग अधिक खुशहाल हैं और कहां मानसिक तनाव का स्तर अधिक है। इस अध्ययन में दोनों क्षेत्रों की जीवनशैली और प्रसन्नता के स्तर का तुलनात्मक विश्लेषण किया जाएगा। इसके आधार पर प्रदेश में खुशहाली बढ़ाने के लिए विभिन्न नवाचारों की योजना तैयार की जाएगी। इस हैप्पीनेस मूल्यांकन के जरिए यह समझने की कोशिश की जाएगी कि लोगों में निराशा और तनाव की स्थिति क्यों बढ़ रही है और इसे कैसे दूर किया जा सकता है। इसके लिए विषय विशेषज्ञों से सुझाव लिए जाएंगे।
हर साल जनवरी में मनाया जाता है आनंद उत्सव
गौरतलब है कि राज्य में प्रतिवर्ष 14 से 28 जनवरी के बीच आनंद उत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसमें अब तक 22 लाख से अधिक लोग भाग ले चुके हैं। आनंद विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों में बुजुर्गों की सेवाएं भी ली जाएंगी, जिससे पारंपरिक अनुभवों और जीवन मूल्यों को समाज में फिर से जीवंत किया जा सके।
