पेंशनरों ने की महंगाई राहत का भुगतान करने की मांग
वित्त विभाग को लिखा पत्र, जल्द कराएं भुगतानभोपाल। प्रदेश के पेंशनरों ने एक बार फिर अपने हक की मांग को लेकर प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। जनवरी 2025 से लंबित 2 प्रतिशत महंगाई राहत को लेकर पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रदेश के वित्त विभाग को पत्र लिखते हुए जल्द भुगतान की मांग की है।एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि महंगाई राहत को लेकर चल रही प्रक्रिया में संविधानिक अधिकारों की अनदेखी हो रही है और यह मामला अब गंभीर होता जा रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि महंगाई राहत भुगतान में एकीकृत और उत्तरवर्ती मध्यप्रदेश के पेंशनरों में भेदभाव किया जा रहा है। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मध्यप्रदेश शासन के वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी को पत्र लिखते हुए यह मांग रखी है कि पेंशनरों को जनवरी 2025 से लंबित 2 प्रतिशत महंगाई राहत तत्काल प्रभाव से दी जाए। यह राशि केंद्र के अनुसार देय है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अब तक भुगतान नहीं हुआ है।एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6) का कोई संबंध न तो एकीकृत मध्यप्रदेश के पेंशनरों से है और न ही उत्तरवर्ती मध्यप्रदेश के पेंशनरों से। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार केवल एकीकृत मध्यप्रदेश के पेंशनरों को महंगाई राहत दे रही है, लेकिन उत्तरवर्ती मध्यप्रदेश के पेंशनरों को नहीं। एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी ने बताया कि महालेखाकार द्वारा दी गई वसूली तालिका में महंगाई राहत का कोई उल्लेख नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश 73.38 प्रतिशत और छत्तीसगढ़ 26.62 प्रतिशत की हिस्सेदारी के अनुसार वसूली कर रहे हैं, लेकिन महंगाई राहत देने में पारदर्शिता नहीं है।
