पूर्व सांसद की जमीन का कागजों पर कर दिया सौदा
ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया अपराध
भोपाल। पूर्व सांसद की जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। भूमाफियाओं ने पावर ऑफ अटॉर्नी का इस्तेमाल करके जमीन दूसरे को बेच दी. शिकायत के आधार पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. इसमें खास तौर पर डिप्टी रजिस्टार अंजू मिश्रा की भूमिका सामने आई है। उन्हीं की निगरानी में दोनों आरोपियों ने जमीन का लेन-देन किया था। अंजू मिश्रा ने बिना वेरिफिकेशन किए ही फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर रजिस्ट्री कर दी।
राजधानी भोपाल के बरखेड़ी कला में दिल्ली निवासी पूर्व सांसद मेवल रेबेल्लो की जमीन है। साल 2024 में पूर्व सांसद की जमीन का सौदा भूमाफियाओं ने कर दिया। इस मामले में जानकारी मिलने के बाद मेवल रेबेल्लो ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर आरोपी राहुल शर्मा और नीरज पटेल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। दोनों ही आरोपियों के खिलाफ पहले भी कई थानों में जमीन से जुड़े मामले दर्ज हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी राहुल शर्मा ने फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर जमीन नीरज पटेल को बेच दी।
उप पंजीयक की भी थी मिलीभगत
विक्रय पत्र में जिन बैंकों से भुगतान दर्शाया गया, उन खातों से कभी कोई लेन-देन नहीं हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि विक्रय पत्र और रजिस्ट्री कराने में उप-पंजीयन अंजू मिश्रा की मिलीभगत थी। आरोपियों ने जमीन पर कब्जा बनाए रखने के लिए साल 2012 में पंजीकृत मुख्तारनामा भी तैयार किया था और उसी के आधार पर अलग-अलग खातों से रकम दर्शाई गई थी। इस लेन-देन को नीरज पटेल द्वारा राहुल शर्मा को भुगतान के रूप में दिखाया गया। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की जांच में पूरा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी तरीके से 71 लाख 72 हजार रुपए में जमीन का सौदा राहुल शर्मा और नीरज पटेल के बीच हुआ।
