डीएनए सैंपल को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन अनिवार्य
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पुलिस अफसरों को दिशा-निर्देश जारी
भोपाल। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत प्रदेश पुलिस प्रशासन ने डीएनए सैंपलिंग और साक्ष्य संग्रहण की प्रक्रिया को लेकर सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। सीआईडी के स्पेशल डीजी पवन श्रीवास्तव ने रेंज स्तर से लेकर जिला पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि डीएनए सैंपलिंग सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुरूप ही की जाए।
उन्होंने कहा है कि कोर्ट की अनुमति के बिना न तो डीएनए सैंपल को खोला जाए और न ही उसमें कोई परिवर्तन किया जाए। निर्देशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, डीएनए सैंपल उचित सावधानी के साथ एकत्र किए जाएं। सैंपल की पैकेजिंग में एफआईआर क्रमांक, दिनांक, धाराएं एवं संबंधित अधिनियम, विवेचक का नाम, पदनाम, थाना एवं जिला स्पष्ट रूप से अंकित किया जाना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, सैंपल से संबंधित दस्तावेजों पर संबंधित डॉक्टर के हस्ताक्षर तथा नाम के साथ विवेचक और एक गवाह के हस्ताक्षर भी आवश्यक होंगे। यदि किसी कारणवश गवाह उपलब्ध न हो सके, तो इसका स्पष्ट उल्लेख किया जाना होगा।
48 घंटे में एफएसएल पहुंचाना अनिवार्य
दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि डीएनए सैंपल को एकत्र करने के 48 घंटे के भीतर संबंधित एफएसएल लैब तक पहुंचाना अनिवार्य होगा। विलंब की स्थिति में उसका कारण केस डायरी में दर्ज करना होगा।
