बिजली बिल बकाया वसूली पर टकराव, बिजली कंपनी ने दिया नोटिस
चुंगी क्षतिपूर्ति से समायोजन की पेशकश पर अड़े निकाय
भोपाल। प्रदेश में नगरीय निकायों द्वारा बिजली बिल की बकाया राशि का भुगतान न किए जाने से बिजली कंपनियां और नगरीय विकास एवं आवास विभाग के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। बिजली कंपनियों ने समय पर भुगतान नहीं होने पर विभाग और संबंधित निकायों को कानूनी नोटिस जारी किए हैं। दूसरी ओर, नगरीय निकाय विभाग ने बकाया बिलों का समायोजन चुंगी क्षतिपूर्ति से करने की मांग की है।
मध्यप्रदेश की तीनों क्षेत्रीय विद्युत वितरण कंपनियों पर विभिन्न नगरीय निकायों द्वारा बिजली बिलों का भुगतान लंबित है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, इंदौर के अधीन आने वाले 102 नगरीय निकायों पर सर्वाधिक 41.10 करोड़ से अधिक की राशि बकाया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, भोपाल के अधीन 98 निकायों पर 38.02 करोड़ का भुगतान बाकी है। वहीं ’पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, जबलपुर के अधीन 127 निकायों पर 28.73 करोड़ से अधिक का बिजली बिल बकाया है।
नोटिस के बाद बढ़ा विवाद
बिजली कंपनियों द्वारा बार-बार भुगतान के लिए कहे जाने और हाल ही में जारी नोटिस के जवाब में नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने कंपनियों से चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि से बकाया समायोजित करने का सुझाव दिया है। कंपनियों ने इस पर आपत्ति जताते हुए स्पष्ट किया है कि नगरीय निकायों को सीधे भुगतान करना होगा या वैध सहमति से समायोजन किया जाए।
किस निकाय पर कितना बकाया
इंदौर पर 27.80 करोड़, भोपाल पर 14.81 करोड़, ग्वालियर पर 10.90 करोड़, ’जबलपुर पर 12.64 लाख, सतना पर 2.71 करोड़, सागर पर 2.52 करोड़, देवास पर 1.93 करोड़, रतलाम पर 1.55 करोड़, उज्जैन पर 1.46 करोड़, छिंदवाड़ा पर 1.46 करोड़, खंडवा नगर निगम पर 1 करोड़, रीवा पर1 करोड़, ’गुना पर 1.14 करोड़ और शिवपुरी पर 1.12 करोड़ रूपए बाकी है। बताया गया है कि 50 लाख से अधिक की बकाया राशि वाले निगमों की संख्या भी आठ’ है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
