पाँच साल में 1325 भ्रष्टाचार के मामले दर्ज
भ्रष्टाचार के सबसे अधिक मामले राजस्व विभाग से
भोपाल। प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) द्वारा की गई कार्रवाइयों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। वर्ष 2020 से अब तक लोकायुक्त पुलिस ने राज्य प्रशासनिक सेवा (एसएएस) के 18 अधिकारियों को ट्रैप कर उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम’’ के तहत मामले दर्ज किए हैं। वहीं, इस अवधि में ’’किसी भी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी पर कोई सीधी कार्रवाई नहीं की गई है।
लोकायुक्त पुलिस ने पिछले पाँच वर्षों में कुल 1325 प्रकरण दर्ज किए। इनमें सबसे ज्यादा मामले राजस्व विभाग के कर्मचारियों से जुड़े रहे। पटवारियों के खिलाफ ही 60 से अधिक ट्रैप केस दर्ज किए गए। पंचायत सचिव, सरपंच, पुलिस विभाग के एसआई, डॉक्टर, वन विभाग के डिप्टी रेंजर, इंजीनियर, बीआरसी और स्कूलों के प्राचार्य तक लोकायुक्त की कार्रवाई की जद में आए हैं।
ईओडब्ल्यू ने दर्ज किए 472 प्रकरण
भ्रष्टाचार के मामलों में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने भी सख्त रुख अपनाया है। वर्ष 2020 से अब तक 472 आपराधिक प्रकरण दर्ज’’ किए गए हैं, जिनमें से 82 मामलों का निपटारा हो चुका है जबकि 383 प्रकरणों में जांच या अन्य कार्यवाही जारी है।
50 मामलों में मिली क्लीन चिट
जहाँ कई मामलों में आरोपियों के खिलाफ चालान पेश कर सुनवाई की जा रही है, वहीं बीते पाँच वर्षों में लगभग 50 मामलों में आरोपी अधिकारी व कर्मचारी दोषमुक्त पाए गए और उनके खिलाफ प्रकरण बंद कर दिए गए। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि सभी आरोप साक्ष्यों के आधार पर प्रमाणित नहीं हो सके।
