सार्थक एप की निगरानी होगी और कड़ी
अब फर्स्ट लोकेशन प्राचार्य कक्ष से ही होगी तय
भोपाल। उच्च शिक्षा विभाग ने सार्थक एप को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब सभी शासकीय और अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक फर्स्ट लोकेशन रिसेट का कार्य केवल मुख्य कार्यालय अथवा प्राचार्य कक्ष से ही करेंगे।
विभाग के इस निर्णय का उद्देश्य उपस्थिति प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर रोक लगाना है। विभाग ने पाया कि कई अधिकारी एवं कर्मचारी अपने कार्यस्थल से इतर स्थानों से भी उपस्थिति दर्ज कर रहे थे, जिससे निगरानी व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। इस संबंध में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर और रीवा के समस्त क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालकों एवं प्रदेश के सभी संबंधित महाविद्यालयों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित स्थान के अतिरिक्त किसी अन्य स्थान से उपस्थिति दर्ज करना अब संभव नहीं होगा।
लापरवाही बरतने वालों पर होगी कार्रवाई
निर्देशों में कहा गया है कि फर्स्ट लोकेशन एक बार सेट होने के बाद स्थायी रूप से फिक्स मानी जाएगी। यदि कोई त्रुटि या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग का यह कदम न केवल उपस्थिति प्रणाली को मजबूत करेगा, बल्कि कार्यस्थल की जवाबदेही भी सुनिश्चित करेगा।
