किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराने में पिछड़ा प्रदेश
भोपाल। प्रधानमंत्री कुसुम योजना ’बी’ के तहत किसानों को सोलर पंप वितरित करने के मामले में मध्यप्रदेश की प्रगति निराशाजनक रही है। राज्य सरकार ने तीन वर्षों में दस लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया था, लेकिन अब तक मात्र सात हजार किसानों को ही इसका लाभ मिल पाया है।
राज्य में अब तक 28,369 किसानों ने योजना के तहत पंजीयन कराया है। इनमें से केवल 9 हजार किसानों का वेरिफिकेशन हुआ, जिसमें 4 हजार किसान अपात्र पाए गए। पात्र किसानों की संख्या लगभग 5 हजार रही, जिन्हें सोलर पंप कनेक्शन के लिए चयनित किया गया है। इस योजना के तहत सरकार ने 447 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत किया है, इसके बावजूद क्रियान्वयन की रफ्तार धीमी बनी हुई है। अन्य राज्यों की तुलना में मध्यप्रदेश काफी पीछे है। जानकारी के अनुसार, पूरे देश में पिछले तीन वर्षों में 32 लाख और इस वर्ष 10 लाख सोलर पंप वितरित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
देश में आठवें स्थान पर मध्यप्रदेश
योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश फिलहाल देशभर में आठवें स्थान पर है, जो कि चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोलर पंप से किसानों की सिंचाई लागत में भारी कमी लाई जा सकती है, ऐसे में इस योजना को प्राथमिकता देते हुए तेज़ी से लागू करने की आवश्यकता है।
