प्रवेश लेने के मामले में छात्राएं, छात्रों से निकली आगे
भोपाल। प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग ने जहां स्नातक (यूजी) के प्रवेश पर रोक लगा दी है, वहीं स्नातकोत्तर (पीजी) में अंतिम चरण की सीएलसी प्रक्रिया अभी शेष है। इस बीच जारी आंकड़े बताते हैं कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में छात्राओं ने एक बार फिर छात्रों को पीछे छोड़ते हुए प्रवेश प्रक्रिया में बढ़त बना ली है।
प्रदेश के सरकारी और निजी कांलेजों में अब तक कुल लगभग 4.50 लाख विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जिसमें 61 प्रतिशत छात्राएं और 39 प्रतिशत छात्र शामिल हैं। यूजी पाठ्यक्रमों में अब तक 3.60 लाख और पीजी में 96 हजार विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। यूजी में छात्राओं ने छात्रों की तुलना में लगभग 50 हजार अधिक प्रवेश लिए हैं। एमपी बोर्ड और सीबीएसई दोनों ही बोर्ड परीक्षाओं में 12वीं में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राएं अब उच्च शिक्षा में भी आगे निकल रही हैं। यूजी प्रवेश पर रोक लगाए जाने के बाद अब यह देखना होगा कि विभाग अगली रणनीति क्या अपनाता है। पीजी की अंतिम सीएलसी के बाद खाली सीटों की स्थिति स्पष्ट होगी।
सरकारी योजनाओं से मिला संबल
छात्राओं की इस बढ़ती भागीदारी के पीछे सरकार की कई योजनाओं का योगदान रहा है। छात्राओं को कालेज तक लाने और उच्च शिक्षा में प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रतिभा किरण योजना, एकल बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना और गांव की बेटी योजना जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं के तहत छात्राओं को शुल्क में छूट, छात्रवृत्ति, और अन्य आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे सहज रूप से कॉलेज तक पहुंच पा रही हैं।
यूजी प्रवेश पर रोक लगाए जाने के बाद अब यह देखना होगा कि विभाग अगली रणनीति क्या अपनाता है। पीजी की अंतिम सीएलसी के बाद खाली सीटों की स्थिति स्पष्ट होगी।
