कमजोर विद्यार्थियों के लिए लगेंगी विशेष कक्षाएं
परीक्षा परिणाम सुधारने की दिशा में शिक्षा विभाग की पहल
भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणामों को सुधारने के उद्देश्य से सभी शासकीय स्कूलों में ’’तिमाही और छमाही परीक्षाएं अनिवार्य’’ कर दी हैं। इन परीक्षाओं के जरिए कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें अतिरिक्त शिक्षण सहायता दी जाएगी।
विभागीय निर्देशों के अनुसार, कक्षा 9वीं से 12वीं तक की तिमाही परीक्षाएं 28 अगस्त से शुरू होंगी, जो सितंबर तक चलेंगी। वहीं छमाही परीक्षाएं दिसंबर माह में आयोजित की जाएंगी। इसके बाद कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं लगाई जाएंगी, ताकि उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को बेहतर बनाया जा सके। गौरतलब है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं आगामी 7 फरवरी से शुरू होंगी। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने स्कूलों को अभी से तैयारियों में जुटने के निर्देश दिए हैं।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि तिमाही और छमाही परीक्षा के आधार पर विद्यार्थियों की शैक्षणिक कमियों की पहचान कर जनवरी तक समाधान करना होगा। इसके लिए प्राचार्यों को स्पष्ट लक्ष्य दिए जाएंगे कि वे प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक स्थिति पर नजर रखें और शिक्षकों के माध्यम से विषय में दक्षता दिलाएं।
