मान्यता से पहले क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम करेगी निरीक्षण
भोपाल। मध्य प्रदेश में मेडिकल, नर्सिंग, पैरामेडिकल, डेंटल और आयुष समेत सभी स्वास्थ्य शिक्षण संस्थानों की संबद्धता प्रक्रिया में अब बड़ा बदलाव किया गया है। मध्यप्रदेश मेडिकल यूनिवर्सिटी, जबलपुर की कार्यपरिषद की 95वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रदेश के सभी कॉलेजों की मान्यता अब क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीए) द्वारा तय मापदंडों के आधार पर दी जाएगी।
प्रदेश में 500 से अधिक कॉलेजों को अब संबद्धता के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम द्वारा निरीक्षण से गुजरना होगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि पूर्व में कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता की कमी और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मान्यता मिलने की कई शिकायतें सामने आ चुकी थीं। विशेषकर नर्सिंग कॉलेजों में फर्जीवाड़े के आरोपों पर कई बार क्यूसीए स्तर की जांच भी कराई गई थी। क्यूसीए का मानना है कि यह निर्णय न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाएगा बल्कि छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
कॉलेजों की सूची वेबसाइट पर रहेगी उपलब्ध
नए निर्णय के अनुसार, अब विश्वविद्यालय संबद्धता सिर्फ क्यूसीए द्वारा तय मानकों के आधार पर ही देगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी मान्य कॉलेजों की सूची अब यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होगी। यह जानकारी पब्लिक डोमेन में रहेगी, जिससे विद्यार्थी और अभिभावक किसी भी कॉलेज की मान्यता की स्थिति स्वयं जांच सकेंगे।
