धार्मिक आधार पर बालिकाओं का शोषण ना हो, बरतें सतर्कता
पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को दिए निर्देश
भोपाल। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए है कि प्रदेश में धार्मिक आधार पर बालिकाओं का शोषण न हो, इसके लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। शैक्षणिक संस्थानों के आसपास अनावश्यक रूप से मौजूद रहने वाले मजनूं किस्म के लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने पुलिस मुख्यालय से प्रदेश के सभी जोनल एडीजी, आईजी, पुलिस आयुक्त भोपाल, इंदौर तथा सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों से वीडियो कॉंफ्रेंस के माध्यम से महिला सुरक्षा संबंधी कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि पुलिस गर्ल्स स्कूल और कॉलेजों के आसपास नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित करें ताकि छेड़खानी की घटनाऐं न हों। धार्मिक आधार पर बालिकाओं का शोषण न हो, इसके लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। शैक्षणिक संस्थानों के आसपास अनावश्यक रूप से मौजूद रहने वाले मजनूं किस्म के लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक गर्ल्स होस्टल और वर्किंग वुमन होस्टल से समन्वय के लिए बीट अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाऐं। किसी भी प्रारंभिक शिकायत को गंभीरता से लेकर त्वरित कार्रवाई करें।
ड्रग माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें
पुलिस महानिदेशक ने ड्रग माफियाओं के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए अपने-अपने कार्यक्षेत्र में ड्रग्स के हॉट स्पॉट और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर सुनियोजित तरीके से अभियान चलाकर ड्रग माफिया के नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त किया जाए। उन्होंने अवयस्क बालिकाओं की गुमशुदगी के मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई कर उन्हें शीघ्र बरामद करने के निर्देश भी दिए।
अटैच स्टाफ को मूल पदस्थापना पर भेजे
पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को अपने अधीनस्थ स्टाफ की समीक्षा करने तथा अतिरिक्त या अटैच स्टाफ को उनकी मूल पदस्थापना, पुलिस थानों में वापस भेजने के निर्देश दिए। साथ ही सभी कर्मचारियों का नियमानुसार रोटेशन सुनिश्चित करने को कहा। विशेष रूप से उन वाहन चालकों का रोटेशन किया जाए, जो लंबे समय से एक ही अधिकारी के साथ या थानों पर कार्यरत हैं।
