शहरों के मास्टर प्लान को दिया जा रहा अंतिम रूप
राजधानी को लेकर अनिश्चितता
भोपाल। नगर तथा ग्राम निवेश संचालनालय (टी एंड सीपी) प्रदेश के कई शहरों के मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने में तेजी ला रहा है, वहीं राजधानी भोपाल के 2047 मास्टर प्लान की स्थिति पर अनिश्चितता बनी हुई है।
संचालनालय ने सीहोर, रतलाम, विदिशा, और रीवा सहित 15 शहरों के ड्राफ्ट तैयार करने और डिजिटल मैपिंग पर जोर दिया है, लेकिन भोपाल का नाम इस सूची से नदारद है। संयुक्त संचालक सुनीता सिंह इस पर काम कर रही हैं और शासन स्तर पर प्रेजेंटेशन भी हो चुके हैं। हालांकि, भोपाल को लेकर कोई स्पष्ट समय-सीमा या निर्देश जारी नहीं किए गए हैं, जिससे इसकी प्रगति पर सवाल उठ रहे हैं। संचालनालय ने डिजिटल तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रोन मैपिंग को प्राथमिकता दी है। देवास-शाजापुर का ड्राफ्ट 4 अगस्त, खंडवा का 20 अगस्त और मंदसौर-बड़वानी का ड्राफ्ट 31 जुलाई तक भेजने के निर्देश हैं। डिंडोरी और खुरई के 2041 मास्टर प्लान सात दिनों में तैयार करने का लक्ष्य है। सीहोर का ड्राफ्ट 15 अगस्त, रतलाम और विदिशा का 30 अगस्त तक तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। रीवा के प्लानिंग क्षेत्र को विस्तार देने का प्रस्ताव भी तैयार होगा।
छिंदवाड़ा, सौंसर के नक्शों का सत्यापन एक माह में
बैतूल, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, हरदा, खंडवा, मुलताई, सौंसर जैसे शहरों के डिजिटाइज्ड नक्शों का सत्यापन एक माह में पूरा करने को कहा गया है। वहीं सर्वे ऑफ इंडिया, जबलपुर को दस शहरों के ड्रोन आधारित नक्शों में सुधार के लिए मेपकास्ट से सुझाव लेने को कहा गया।
