अनुभव प्रमाण पत्र ना मिलने से नहीं भर पा रहे आवेदन
अतिथि शिक्षक हो रहे परेशान
भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक भर्ती में अतिथि शिक्षकों को तीन साल का अनुभव प्रमाण पत्र देना अनिवार्य किया है, मगर कई अतिथि शिक्षकों को अब तक प्रमाण पत्र ही नहीं मिला है। इसके चलते ये आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग और जनजाति विभाग के स्कूलों में होने वाली शिक्षक भर्ती में अतिथि शिक्षकों का तीन वर्ष का अनुभव प्रमाण-पत्र अनिवार्य किया है। करीब 10 हजार शिक्षक ऐसे हैं, जिनके सत्र 2025-26 के अनुभव प्रमाण-पत्र अभी तक नहीं बने हैं। ऐसे में वे शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा प्रदेश के स्कूलों में इस वर्ष 13,089 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती की जाना है। इसमें स्कूल शिक्षा विभाग के 10,150 व जनजातीय कार्य विभाग के 2,939 पद हैं। यह अतिथि शिक्षक अप्रैल 2025 तक शासकीय विद्यालयों में सेवाएं दे चुके हैं, लेकिन उन्हें वर्तमान सत्र 2025-26 के अप्रैल माह तक का अनुभव प्रमाण-पत्र अब तक जारी नहीं किया गया है, जबकि उन्हें अप्रैल तक का वेतन भी मिल गया है। प्रमाण पत्र ना मिलने के चलते वे आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा के लिए एक अगस्त तक आवेदन करना है।
