स्वतंत्रता सेनानी और मीसाबंदी के परिजनों के लिए अंत्येष्टि अनुदान पर विवाद
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और मीसा बंदियों के परिजनों को दिए जा रहे अंत्येष्टि अनुदान की राशि में अंतर को लेकर कांग्रेस ने भेदभाव का आरोप लगाया है। वर्तमान में, स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को चार हजार जबकि मीसाबंदियों के परिजनों को दस हजार का अनुदान दिया जा रहा है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस के स्वतंत्रता सेनानी परिवार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने सरकार की इस नीति की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने देश के लिए संघर्ष किया, जबकि मीसाबंदी सत्ता के लिए लड़े थे, ऐसे में दोनों की तुलना करना अनुचित है। गुप्ता ने इसे स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान बताया और भाजपा सरकार पर स्वतंत्रता आंदोलन की स्मृतियों से घृणा करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश में केवल 58 स्वतंत्रता सेनानी बचे हैं और सरकार उन्हें अपमानित कर यह दर्शा रही है कि उसे देश की स्वतंत्रता से कोई सरोकार नहीं है। गुप्ता ने मीसाबंदियों को दी जा रही मासिक तीस हजार की पेंशन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मीसाबंदियों ने 1980 के दशक में अपनी निरुद्ध के बदले में पच्चीस हजार (जो वर्तमान में 25 लाख रूपए के बराबर है) की एकमुश्त राशि प्राप्त की थी। गुप्ता ने मांग की कि यदि सरकार उन्हें पेंशन देना चाहती है, तो पहले प्राप्त की गई राशि को ब्याज सहित वापस लिया जाना चाहिए।
