आत्मनिर्भर पंचायतें ही आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला : भारद्वाज
भोपाल। पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज ने ग्राम पंचायतों की राजस्व अर्जन क्षमता (ओएसआर) बढ़ाने के निरंतर प्रयासों पर ज़ोर देते हुए कहा कि आत्मनिर्भर पंचायतें ही आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सशक्त कदम होंगी। उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) फंड पंचायतों के लिए अतिरिक्त अवसर प्रदान कर सकते हैं, बशर्ते उनके पास एक स्पष्ट रोडमैप और विजन हो।
भारद्वाज ने यह बात उन्नत ग्राम पंचायत स्थानिक विकास योजना (जीपीएसडीपी) पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही। भारद्वाज ने कहा कि जब ग्राम पंचायतों को सशक्त दिशा और तकनीकी सहयोग मिलेगा, तो संसाधनों की कमी प्रगति में बाधा नहीं बनेगी। उन्होंने स्थानिक योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सभी हितधारकों से एकजुट होकर रणनीतिक और प्रतिबद्ध प्रयास करने का आह्वान किया। इस अवसर पर पंचायती राज मंत्रालय के संयुक्त सचिव आलोक प्रेम नागर ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि उन्नत ग्राम पंचायत स्थानिक विकास योजना (जीपीएसडीपी) ग्रामीण बदलाव का एक सशक्त उपकरण बन सकती है। कार्यशाला के दूसरे दिन ओडिशा, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और हरियाणा राज्यों की चुनिंदा ग्राम पंचायतों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने अपनी प्रस्तुतियाँ दीं। इन प्रस्तुतियों में विकास योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और नवाचारों को साझा किया गया।
