शुल्क वृद्धि वापस लें, नहीं तो किया जाएगा लोटा प्रदर्शन
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार गरीबों और लाड़ली बहनों की मदद के दावे करती है, लेकिन हकीकत में उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। कांग्रेस ने मांग की है कि निगम द्वारा संचालित शौचालयों के उपयोग पर वसूली का फैसला वापस ले, नहीं तो लोटा प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि भोपाल नगर निगम द्वारा संचालित सार्वजनिक शौचालयों में प्रति व्यक्ति 10 रूपए का शुल्क तय किया गया है। गुप्ता के अनुसार, यदि बीपीएल श्रेणी का पांच सदस्यीय परिवार दिन में एक बार शौचालय का उपयोग करता है, तो उसे प्रति माह 1500 चुकाने पड़ते हैं। दो बार उपयोग करने पर यह राशि 3000 हो जाती है, जो कई गरीब परिवारों की मासिक आय के बराबर है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नगर निगम स्वच्छता कर, समेकित कर सहित विभिन्न टैक्सों के माध्यम से 150 करोड़ रुपये वसूलता है, तो शौचालय उपयोग पर अलग से शुल्क क्यों? गुप्ता ने भोपाल में लगभग 1.3 लाख गरीब परिवार रहते हैं, जिनकी मासिक आय औसतन तीन हजार से पांच हजार रूपए प्रतिमाह है। गुप्ता ने कहा कि गरीबों पर इस तरह का वित्तीय बोझ अन्यायपूर्ण है और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए।
