प्रदेश में बंद नहीं होंगे राजस्व न्यायालय, कामों में होगा बदलाव
तहसीलदार संघ से मुलाकात में कहा प्रमुख सचिव राजस्व ने
भोपाल। प्रदेश में राजस्व न्यायालय बंद नहीं किए जाएंगे, ये न्यायालय यथावत जारी रहेंगे। सिर्फ तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के कामों में बदलाव किया जाएगा।
यह बात प्रमुख सचिव राजस्व विवेक पोरवाल ने तहसीलदार संघ के पदाधिकारियों से मुलाकात के दौरान कही। तहसीलदार संघ के प्रतिनिधिमंडल ने राजस्व न्यायालय कम किए जाने के राजस्व विभाग के फैसले के विरोध में प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल से मुलाकात की थी। संघ के प्रांताध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान और अन्य पदाधिकारियों ने इसकी जानकारी प्रमुख सचिव को दी तो उन्होंने आश्वस्त किया कि कोई कोर्ट कम नहीं की जा रही हैं। इसके बाद संघ के प्रतिनिधिमंडल को प्रमुख राजस्व आयुक्त से उन जिलों की जानकारी लेने के लिए कहा गया, जहां यह व्यवस्था लागू की जा रही है।
त्हसीलदार संघ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान प्रमुख सचिव राजस्व विवेक पोरवाल ने आश्वस्त किया कि कोई भी राजस्व न्यायालय बंद नहीं होगा। सभी राजस्व न्यायालय पहले की तरह काम करते रहेंगे। सिर्फ तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के काम के बंटवारे में बदलाव किए जाएंगे। शुरुआती दौर में 31 जुलाई तक 12 जिलों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी और जो कमियां सामने आएंगी उसे सुधारकर एक अगस्त से पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
पोरवाल ने कहा कि यह बात गलत सामने आ रही है कि राजस्व न्यायालय बंद हो रहे हैं। उनकी ओर से कैबिनेट के फैसले के बाद जो आदेश जारी किया गया है, उसमें साफ लिखा है कि सभी राजस्व न्यायालय चलेंगे। पोरवाल ने कहा कि शुरुआत में जिन 12 जिलों में तहसीलदारों से राजस्व न्यायालय और लॉ एंड ऑर्डर का काम अलग-अलग कराने का फैसला किया गया है, उनमें भोपाल, नरसिंहपुर, सिवनी, उमरिया, शहडोल शामिल हैं।
