विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश की मांग फिर हुई तेज
भोपाल। मध्यप्रदेश में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इस मुद्दे को लेकर जहां आदिवासी संगठनों ने आवाज बुलंद की है, वहीं कांग्रेस पार्टी ने भी सक्रिय रुख अपनाया है।
प्रदेश कांग्रेस के आदिवासी विभाग ने सभी जिला इकाइयों को निर्देशित किया है कि वे जिलाधिकारियों के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपें और 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग उठाएं। इसके तहत सिंगरौली सहित विंध्य अंचल के विभिन्न जिलों में ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रदेश में अब एक बार फिर विश्व आदिवासी दिवस को लेकर सियासत तेज हो गई है और कांग्रेस ने इसे लेकर सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
गौरतलब है कि यह मांग सबसे पहले 2019 में तब उठी थी जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और उस समय 9 अगस्त को स्थानीय अवकाश घोषित किया गया था। लेकिन 2021 में भाजपा सरकार ने इसे हटाकर वैकल्पिक अवकाश कर दिया, जिसके बाद विपक्ष ने इस फैसले का विरोध किया था। तब से लेकर अब तक हर वर्ष 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग होती रही है। कांग्रेस इस मुद्दे पर लगातार सक्रिय रही है। वर्ष 2024 में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर यह मांग दोहराई थी।
