वरिष्ठों से मुलाकात के बाद अब जिलों का फीडबैक लेंगे खंडेलवाल
नई कार्यकारिणी से पहले जिला अध्यक्षों और प्रभारियों की बुलाई बैठक, अनुशासन पर रहेगा फोकस
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद अब संगठन को प्रदेश स्तर पर गति देने की कवायद शुरू कर दी है। सोमवार को वे भोपाल स्थित पार्टी कार्यालय में जिला अध्यक्षों और जिला प्रभारियों की अहम बैठक लेंगे। इस दौरान जिलों में संगठन की वर्तमान स्थिति, चुनौतियां और समन्वय पर फीडबैक लिया जाएगा।
खंडेलवाल हाल ही में दो बार दिल्ली का दौरा कर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मार्गदर्शन लेकर लौटे हैं। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व के अलावा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी मुलाकात की। बताया जा रहा है कि इन बैठकों में उन्हें स्पष्ट संकेत मिला है कि प्रदेश संगठन में अब हर निर्णय सोच-समझकर और संतुलन के साथ लिया जाए। सूत्रों की मानें तो पार्टी नेतृत्व चाहता है कि कार्यकारिणी गठन से पहले सभी वरिष्ठ नेताओं की राय और सहमति ली जाए ताकि आगे कोई असंतोष सामने न आए। खंडेलवाल भी इसी दिशा में प्रयासरत हैं। यही वजह है कि वे सभी गुटों को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में सोमवार को प्रस्तावित बैठक में खंडेलवाल न केवल संगठन की रिपोर्ट लेंगे, बल्कि पार्टी में अनुशासन को लेकर भी स्पष्ट संदेश देंगे। माना जा रहा है कि वे जिलों के नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर बयानबाजी से बचने और संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने की सख्त हिदायत दे सकते हैं। बैठक में प्रदेश संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इस दौरान जिलों में सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय कैसे बने, इस पर भी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही संभावित कार्यकारिणी गठन को लेकर भी प्रारंभिक चर्चा हो सकती है।
कार्यशैली की झलक दिखेगी बैठक में
भाजपा के सूत्रों के अनुसार, यह बैठक सिर्फ एक संगठनात्मक औपचारिकता नहीं बल्कि नए प्रदेश अध्यक्ष की कार्यशैली की झलक होगी। इससे यह तय होगा कि खंडेलवाल किस तरह से आने वाले समय में संगठन को दिशा देंगे। माना जा रहा है कि बैठक में जिला अध्यक्षों और प्रभारियों से संगठन की रिपोर्ट लेंगे। इसके अलावा वे जिला स्तर पर संगठन में अनुशासन और संयम पर विशेष जोर देंगे। जिला अध्यक्षों और प्रभारियों को वे संगठन और सरकार के बीच समन्वय बनाए रखने बात पर भी जोर देंगे।
