हर विधानसभा क्षेत्र में विकसित किया जाएगा एक वृंदावन ग्राम
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना का किया अनुमोदन
भोपाल। प्रदेश के हर विधानसभा के एक गांव को सरकार मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना के तहत वृंदावन गांव के रूप में विकसित करने का फैसला सरकार ने लिया है। इस गांव को आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जाएगा।
मंत्रालय में आज मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को अपना अनुमोदन दे दिया है। कैबिनेट बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कैबिनेट बैठक में लिए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश की सभी विधानसभा के एक गांव को वृंदावन ग्राम बनाया जाएगा. इसमें ऐसे गांव को सिलेक्ट किया जाएगा, जिनकी आबादी 2 हजार से कम होगी। ऐसे गांव को आदर्श गांव बनाने के लिए सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी भवन, सोलर स्ट्रीट लाइट, स्वास्थ्य केन्द्र, स्कूल भवन, पुस्तकालय, ग्रामीण सड़क, ड्रिप इरिगेशन, शांति धाम, जल निकासी के लिए नाली, सार्वजनिक उद्यान को विकसित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा बजट का प्रावधान किया जाएगा। इसमें किसी भी गांव में हुई बेस्ट प्रैक्टिस को अपनाया जाएगा।
क्षतिग्रस्त पुल-पुलिया का किया जाएगा पुनर्निर्माण
कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री सड़क योजन के तहत बनाई गई सड़कों के क्षतिग्रस्त पुल-पुलिया का पुर्ननिर्माण किए जाने का फैसला लिया गया।. राज्य सरकार ने ऐसे 1766 पुलों को चिन्हित किया है। इसके लिए राज्य सरकार 4572 करोड़ रुपए खर्च करेगी। कैबिनेट ने इसके लिए सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। अगले 5 सालों में इसके बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बेहतर होगा. इसका निर्माण ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया जाएगा।
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय की स्थापना भोपाल में
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गाँधीनगर के परिसर की स्थापना भोपाल में किए जाने के लिए सैंद्धातिक स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) की स्थापना के लिए तीन वर्षों के लिए प्रति वर्ष एक करोड़ 5 लाख रूपये की राशि प्रदान की जायेगी। भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर के लिए राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी), भोपाल परिसर में उपलब्ध भूमि में से 10 एकड़ भूमि को विभाग स्तर से हस्तांतरित किया जायेगा।
1266 नवीन पदों की स्वीकृति
कैबिनेट बैठक में नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशालाओं में 202 वैज्ञानिक अधिकारी को सम्मिलित कर कुल 1266 पदों की स्वीकृति दी गयी। स्वीकृति अनुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 176(3) के क्रियान्वयन के लिए 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले समस्त अपराधों में फॉरेंसिक विशेषज्ञ के अनिवार्य तथा आवश्यक भ्रमण के लिए 1266 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई। नए कानून को लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है।
नए गठित जिलों में अजा, अजजा जिला कार्यालय
जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत तीन नव गठित जिलों में जिला संयोजक जनजातीय तथा अनुसूचित जाति जिला कार्यालयों की स्थापना की स्वीकृति दी गई। इसमें मऊगंज के लिए 16 पद, मैहर के लिए 18 पद तथा पांढुर्णा के लिए 14 पद कुल 48 नवीन पदों का सृजन और 381.30 लाख रूपये वार्षिक अतिरिक्त वितीय व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई है।
एक पेड़ मां के नाम अभियान की शुरुआत
कैबिनेट बैठक में एक पेड़ मां के नाम अभियान की होगी शुरुआत होगी। यह अभियान प्रदेशभर में चलाया जाएगा। अभियान जल गंगा संरक्षण अभियान की तर्ज पर चलेगा। इसका मकसद पौधरोपण को जनआंदोलन बनाना है। मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश- पूरी क्षमता के साथ चलाएं अभियान। यह अभियान 1 जुलाई से 15 सितंबर तक चलेगा।
