मंत्री दें इस्तीफा, भौतिक सत्यापन कराया जाए
कांग्रेस कहा जल जीवन मिशन में 60 फीसदी कमीशन का है मामला
भोपाल। जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री संपतिया उइके पर हजार करोड़ रुपये के कथित कमीशन के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने मंत्री से तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए मामले की आरोपों का भौतिक सत्यापन कराए जाने की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि जल जीवन मिशन में 60 प्रतिशत कमीशन की बात सामने आ रही है, जो बेहद गंभीर है। पटवारी ने कहा कि “यह भाजपा का असली चाल, चरित्र और चेहरा है, जो अब देश और दुनिया के सामने उजागर हो चुका है।“ उन्होंने आरोप लगाया कि यह घोटाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोच को झुठला रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था “न खाऊंगा, न खाने दूंगा“। पटवारी ने बताया कि वे इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखेंगे और राष्ट्रीय स्तर की टीम भेजने की मांग करेंगे। साथ ही मामले की सीबीआई जांच की भी आवश्यकता बताई।
सत्ता के माध्यम से लाभ उठाने में लगी भाजपा
उन्होंने सवाल उठाया कि जब 21 जून को जांच के आदेश दिए जाते हैं और 25 जून को रिपोर्ट आ भी जाती है, तो यह किस प्रकार की जांच है? उन्होंने आरोप लगाया कि चूंकि मंत्री भाजपा की हैं और सरकार भी भाजपा की, इसलिए यह पूरी प्रक्रिया पूर्वनियोजित और पक्षपातपूर्ण प्रतीत होती है। कांग्रेस का कहना है कि जल जीवन मिशन में हुए कथित भ्रष्टाचार की पारदर्शी जांच होनी चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। पटवारी ने कहा कि भाजपा अब केवल सत्ता के माध्यम से लाभ उठाने में लगी है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “अब भाजपा का नया नारा हैकृ ’खाऊंगा भी और सिर्फ हम ही खाएंगे।
