नये निवेश के दावे और पुराने उद्योग बंद
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार रोज नए-नए इन्वेस्टमेंट के एम ओ यू की घोषणा कर रही है लगभग सवा साल में मोहन सरकार लगभग 3 लाख करोड़ के निवेश की घोषणा कर चुकी है जबकि धरातल पर प्रगति गायब है ।
प्रदेश कांग्रेस के विचार विभाग के अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने सरकार से जानना चाहा है कि अगर मध्य प्रदेश में निवेश की परिस्थितियों इतनी अनुकूल है तो फिर मध्य प्रदेश में 29 बड़े उद्योग बंद क्यों हो गए? गुप्ता ने कहा सरकार बताये कि मंडीदीप की हेवी फैब्रिकेशन यूनिट,गोविंदपुरा की मैसर्स जी ई ई पावर लिमिटेड चावल बनाने वाली मेसर्स एस एस ए इंटरनेशनल भिंड की ग्लास पार्ट कैथोड रे ट्यूब, गैस बेस थर्मल पावर प्लांट, लिमि हॉटलाइन ग्ला, कलर्ड पिक्चर ट्यूब बनाने वाली हॉटलाइन सीपीटी लिमिटेड धार की इंडोरामा टेक्सटाइल लि., लक्ष्मी पाइप एंड फिटिंग, मित्तल कॉरपोरेशन लिमिटेड, मेटलमेन पाइप मैन्युफैक्चरिंग, परसरामपुरिया इंटरनेशनल, भानु आयरन एंड स्टील, सोनी इस्पात लिमिटेड, वेरटैक्स टेक्नो सॉफ्ट ,वरुण सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड, पाली लॉजिक इंडिया लिमिटेड, गिल्ट पैक यूनिट, पैरेंटल ड्रग्स प्राइवेट लिमिटेड, सिद्धार्थ ट्यूब्स लिमि.,गिरनार फाईवर लिमि.,नियो कार इंटरनेशनल लि.,सकोज इंडिगो प्रा लिमि.,एडवांस सर्फेक्टेंट इंडिया लिमि.,निभि इंडस्ट्रीज जैसे बड़े उद्योग बंद क्यों हो गये? इन उद्योगों के बंद होने से कितने लोग बेरोजगार हो गये? क्या सरकार ने उद्योगों की तकलीफों का अध्ययन किया और समाधान निकाला?
