आपातकाल में जिम्मेदार लोगों ने नहीं किया संविधान का पालन
युवा संसद में बोले मुख्यमंत्री, युवाओं से किया संवाद
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आपातकाल लागू करना तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा संविधान की हत्या थी। आपातकाल लागू करने के संबंध में न केंद्रीय कैबिनेट ने स्वीकृति दी थी न ही राज्यों की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव दिया गया था। जिम्मेदार लोगों ने ही संविधान का पालन नहीं किया। अभिव्यक्ति और प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे इंटर स्टेट बस टर्मिनल स्थित नगर निगम भोपाल के सभाकक्ष में शुक्रवार को आयोजित युवा संसद कार्यक्रम में युवाओं से संवाद करते हुए उक्त बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति और प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से आपातकाल लागू किए जाने के प्रसंग पर प्रश्न पूछे और उन्हें मौजूदा दौर की विशेषताओं पर विचार व्यक्त करने का अवसर दिया। मुख्यमंत्री ने गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो मां ने किया वही बेटे ने किया और आज वही राहुल गांधी भी कर रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा जिस दौर में कांग्रेस ने अपने ‘परिवार’ के हित में देश के युवाओं की आवाज दबा दी थी, उसी भारत में आज का युवा राष्ट्र निर्माण का प्रणेता बन चुका है। यह नया भारत है, जहां विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य में युवा शक्ति निर्णायक भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि युवा अपनी योग्यता और क्षमता के बल पर न केवल प्रगति करें, बल्कि प्रदेश और राष्ट्र के भविष्य का नेतृत्व करें।
कांग्रेस ने की दादागिरी
मुख्यमंत्री ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि संविधान ने न्यायालय को निर्णय लेने की स्वतंत्रता दी है, लेकिन कांग्रेस ने कोर्ट के निर्णय पर, निर्णय देने वालों पर और पूरे देश पर अपनी दादागिरी से आपातकाल लगा दिया।
युवाओं को आपातकाल का प्रसंग बताना जरूरी
युवा संसद को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद वी.डी. शर्मा ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को इमरजेंसी का प्रसंग बताया जाना आवश्यक है। अनेक युवाओं ने आपातकाल की बुराइयों पर विचार व्यक्त किए और आपातकाल लागू करने को लोकतंत्र विरोधी कदम बताया।
