भाजपा को अगले माह मिल सकता है नया प्रदेश अध्यक्ष
चुनाव अधिकारी धर्मेंद्र प्रधान के भोपाल आगमन की अटकलें हुई तेज
भोपाल। भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चल रहा लंबा असमंजस अब जल्द समाप्त होने की संभावना है। इसे लेकर संगठन में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नियुक्त केंद्रीय चुनाव अधिकारी धर्मेंद्र प्रधान जुलाई के पहले सप्ताह में भोपाल आ सकते हैं। उनके आगमन के साथ ही अध्यक्ष चयन की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर अब अंतिम दौर की राजनीतिक रणनीतियां और जोड़तोड़ एक फिर तेज हो गई हैं। संभावना है कि जुलाई महीने में भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल जाएगा, जिससे पार्टी को आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सकेगा। प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नियुक्त केंद्रीय चुनाव अधिकारी धर्मेंद्र प्रधान जुलाई के पहले सप्ताह में भोपाल आ सकते हैं। हालांकि प्रधान के भोपाल आने की तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि वे एक या दो जुलाई को राजधानी पहुंच सकते हैं। भाजपा के केंद्रीय चुनाव अधिकारी द्वारा प्रदेश अध्यक्ष पद के निर्वाचन की औपचारिक अधिसूचना भी शीघ्र ही जारी की जा सकती है। इसमें नामांकन, छंटनी, नाम वापसी और निर्वाचन की तारीखें शामिल होंगी।
बढ़ी दावेदारों की सक्रियता
प्रदेश अध्यक्ष बनने की उम्मीद लगाए दावेदारों ने एक बार फिर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। वर्तमान में इस पद की दौड़ में बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा और उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल शामिल हैं। शुक्ल को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का समर्थन भी प्राप्त बताया जा रहा है। ठाकुर वर्ग से अरविंद भदौरिया और विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह भी मैदान में हैं। वहीं पार्टी नेतृत्व इस बार महिला उम्मीदवार पर भी विचार कर रहा है, ताकि संतुलन का संदेश दिया जा सके।
दलित या आदिवासी अध्यक्ष पर भी मंथन
प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए भाजपा नेतृत्व दलित या आदिवासी वर्ग से प्रदेश अध्यक्ष चुनने के विकल्प पर भी विचार कर रहा है। ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को लेकर उपजे विवाद के बाद दलित-आदिवासी वर्ग में असंतोष की स्थिति बनी हुई है। पार्टी इस वर्ग की नाराजगी को दूर करने और आगामी चुनावों में सामाजिक संतुलन साधने के लिए यह कदम उठा सकती है।
ये नेता हैं दावेदारों की दौड़ में
आदिवासी दावेदारों में खरगोन सांसद गजेंद्र सिंह पटेल, मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी प्रमुख हैं। दलित वर्ग से अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, जतारा विधायक हरिशंकर खटीक और देवास सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी के नाम चर्चा में हैं।
