स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, सेवा गुणवत्ता और जनविश्वास का समन्वय जरूरी
भोपाल। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार के साथ-साथ स्वच्छता और साफ-सफाई भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं केवल दवा और इलाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अस्पताल परिसर का वातावरण, संक्रमण नियंत्रण, स्वच्छता और मरीजों को मिलने वाली संपूर्ण देखरेख भी उतनी ही आवश्यक है।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने स्वर्ण जयंती सभागार नारोन्हा प्रशासनिक अकादमी भोपाल में वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के कायाकल्प, एनक्यूएएस, मुस्कान एवं लक्ष्य कार्यक्रमों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वास्थ्य संस्थाओं को सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धियाँ प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की ओर बढ़ते कदम हैं। उन्होंने कहा कि यह सराहनीय है कि बड़ी संख्या में संस्थान इन मापदंडों पर खरे उतर रहे हैं, लेकिन हमारा प्रयास होना चाहिए कि शेष संस्थाओं को भी इन मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र के संपूर्ण सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में 10 हज़ार करोड़ की लागत के स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास के कार्य प्रगति पर हैं। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग में 3 हज़ार चिकित्सकों सहित कुल 35 हज़ार पदों पर नियुक्तियाँ की जा रही हैं, जिससे मैनपावर की कमी दूर होगी और सेवा प्रदाय की गुणवत्ता बेहतर होगी।
समर्पण से स्वास्थ्य अमला करे काम
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री पटेल ने कहा कि पूर्ण समर्पण से स्वास्थ्य विभाग का अमला कार्य करें। सशक्त स्वास्थ्य से ही हम विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश का स्वप्न पूर्ण कर पाएंगे। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों और चिकित्सकीय टीम को बधाई दी। उल्लेखनीय है कि कायाकल्प, एन.क्यू.ए.एस., लक्ष्य एवं मुस्कान पुरस्कारों का उद्देश्य प्रदेश की शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, सेवा गुणवत्ता एवं मातृ-शिशु देखभाल में उत्कृष्ट मानक सुनिश्चित करना है।
