फीस की जानकारी ना देने वाले स्कूलों पर लग सकता है जुर्माना
स्कूल शिक्षा विभाग हुआ सख्त, जल्द जारी किए जाएंगे नोटिस
भोपाल। मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने फीस संरचना को लेकर लापरवाही बरतने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। राज्य सरकार के स्पष्ट आदेशों के बावजूद करीब आठ हजार निजी स्कूलों ने अब तक शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अपनी फीस संबंधी जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं की है। अब इन स्कूलों पर जुर्माना लगाने की तैयारी स्कूल शिक्षा विभाग कर रहा है।
लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) से ऐसे स्कूलों की सूची मांगी है, जिन्होंने तय समय सीमा में फीस की जानकारी अपलोड नहीं की है। सूची प्राप्त होते ही इन सभी संस्थानों को नोटिस जारी किए जाएंगे। स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, यदि किसी स्कूल का पंजीयन शुल्क एक हजार रुपये है, तो उस पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं जिन स्कूलों का पंजीयन शुल्क पांच हजार रुपये है, उनसे पच्चीस हजार रुपये तक का जुर्माना वसूला जाएगा।
गौरतलब है कि यह कार्रवाई मध्य प्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम-2020 के तहत की जा रही है। इस अधिनियम के अंतर्गत निजी स्कूलों को कक्षा और संवर्गवार निर्धारित फीस संरचना पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। हालांकि, सरकार ने हाल ही में एक राहत भी दी है। वे निजी स्कूल जिनकी वार्षिक फीस पच्चीस हजार रुपये से कम है, उन्हें इस पोर्टल पर जानकारी अपलोड करने से छूट दी गई है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा दो महीने पूर्व ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
