जिलों, तहसीलों और ब्लॉकों की सीमाओं का होगा नए सिरे से सीमांकन
भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के सहयोग से होगा सीमांकन
भोपाल। राज्य प्रशासनिक सुधार आयोग अब भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) की मदद से जिलों, तहसीलों और ब्लॉकों की सीमाओं का सीमांकन किया जाएगा। इसके लिए आयोग और आईआईपीए के बीच समझौता होने जा रहा है।
प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सुधार आयोग आयोग को गठित हुए नौ महीने बीत चुके हैं, लेकिन संसाधनों और आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण इसका काम अपेक्षाकृत धीमा रहा है। इसके बाद आयोग में हुई नई नियुक्तियों के पश्चात इसे लेकर गति मिली है। आयोग द्वारा जिलों और तहसीलों और ब्लाकों के सीमाकंन के लिए भारतीय लोक प्रशासन संस्थान से चर्चा कर इसे लेकर अनुबंध किया जा रहा है। अनुबंध होने के बाद संस्थान द्वारा यह कार्य किया जाएगा। जानकारी के अनुसार आईआईपीए की तकनीकी सहायता से आयोग विभिन्न जिलों का सर्वे करेगा और राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपेगा। आयोग यह भी पता लगाएगा कि किन जिलों में सीमांकन की आवश्यकता है और पिछले कुछ वर्षों में बने नए जिलों की आवश्यकता कितनी वास्तविक रही है। इस प्रक्रिया के तहत सभी नए और पुराने प्रशासनिक इकाइयों का अध्ययन किया जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष सितंबर में बीना को जिला बनाने की मांग को लेकर उपजे विवाद के बाद मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने राज्य प्रशासनिक सुधार आयोग का गठन किया था। आयोग के गठन के बाद सरकार पर नए जिलों और तहसीलों के निर्माण को लेकर बना दबाव कुछ हद तक कम हुआ है। अब यदि ऐसी कोई मांग उठती है, तो सरकार उसे आयोग की समीक्षा प्रक्रिया में शामिल कर समय ले सकती है। आयोग के गठन के बाद से इसके सदस्यों में बदलाव भी हुए हैं। शुरू में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी मनोज श्रीवास्तव को सदस्य बनाया गया था, जिन्हें बाद में राज्य निर्वाचन आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके बाद मुकेश शुक्ला और एसएन मिश्रा को आयोग में शामिल किया गया। अक्षय कुमार सिंह को आयोग का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया।
